रायपुर

हिंदुस्तान कॉइल के 42 ठिकानों पर छापे जारी, 12 लाकर मिले, आज खुलेंगे 10
05-Dec-2025 6:52 PM
हिंदुस्तान कॉइल के 42 ठिकानों पर छापे जारी, 12 लाकर मिले, आज खुलेंगे 10

बड़ी कर चोरी के खुलासे का दावा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 5 दिसंबर। हिंदुस्तान कॉइल ग्रुप और उसके संबंधित स्पंज आयरन और कॉइल व्यवसायों के 42 ठिकानों में आयकर की जांच शुक्रवार दूसरे दिन भी जारी रही। आज देर रात तक कई ठिकानों से टीमें लौट सकती हैं। दो दिनों की जांच में आयकर टीम को करोड़ों के कच्चे लेनदेन के दस्तावेज, और आय-व्यय में बड़े नुकसान की लूज पेपर्स के साथ 12 बैंक लॉकर मिले हैं। इनमें से दो लॉकर कल ही खोलकर जांच किए गए थे। शेष की जांच शुक्रवार को होने की जानकारी दी गई है। इनकम टैक्स इन्वेस्टिगेशन विंग के सूत्रों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह ऑपरेशन, ग्रुप के मालिकों अरविंद अग्रवाल, विकास अग्रवाल और विपिन अग्रवाल के व्यावसायिक हितों के साथ-साथ ओम स्पंज, देवी स्पंज और कई संबंधित उद्यमों सहित जुड़ी हुई संस्थाओं पर केंद्रित था। टीमें एक साथ 42 से ज़्यादा जगहों पर पहुंचीं, जिनमें कारखाने, कॉर्पोरेट कार्यालय और आलीशान आवास शामिल थे।

टैक्स अधिकारियों ने सिलतरा इंडस्ट्रियल एस्टेट, उर्ला इंडस्ट्रियल एरिया और तिल्डा क्षेत्र में 10 प्रमुख औद्योगिक इकाइयों को अपने कब्जे में ले लिया था। ऊंची कीमत वाली जगहों पर फैले आवासीय और कॉर्पोरेट परिसरों को भी कवर किया गया। ऑपरेशन की व्यापकता के लिए लगभग 150 सीआरपीएफ कर्मियों की मदद की ज़रूरत पड़ी, जिन्होंने कड़ी सुरक्षा बनाए रखी और तलाशी टीमों के लिए बिना किसी रुकावट के पहुंच सुनिश्चित की।

रायपुर, भिलाई, दुर्ग और जगदलपुर से लगभग 40 टैक्स अधिकारियों को जुटाया गया था, जिन्हें इंदौर, भोपाल और जबलपुर के जांच कर्मचारियों का समर्थन मिला। अधिकारियों के अनुसार, बहु-राज्य संरचना समूह के संचालन से जुड़े वित्तीय रास्तों की अपेक्षित जटिलता को दर्शाती है।

डिजिटल सामग्री की बड़ी मात्रा को क्लोन करने के लिए मुंबई और कोलकाता से दो साइबर फोरेंसिक टीमों को तैनात किया गया था। जांच किए गए उपकरणों में लैपटॉप, डेस्कटॉप, सर्वर, मोबाइल फोन और व्यापार और आवासीय परिसरों से जब्त की गई कई स्टोरेज यूनिट शामिल थीं। अधिकारियों ने डिजिटल सामग्री के पैमाने को व्यापक बताया, जिसके लिए बाद में फोरेंसिक और वित्तीय विश्लेषण के लिए लगातार निष्कर्षण और संरक्षण की आवश्यकता थी।  सूत्रों के अनुसार, ऑपरेशन के पहले दिन नेशनलाइज़्ड और प्राइवेट बैंकों में हिंदुस्तान कॉइल ग्रुप और उसके सहयोगियों से जुड़े कई लॉकर मिले। गुरुवार को इनमें से कुछ ही खोले जा सके, जिनमें इन्वेस्टमेंट पेपर, एसेट शेड्यूल और महत्वपूर्ण अचल संपत्ति होल्डिंग्स की ओर इशारा करने वाले दस्तावेज़ मिले। डिपार्टमेंट से जुड़े सर्टिफाइड वैल्यूअर्स को इन्वेस्टमेंट वैल्यू का अनुमान लगाने और खुलासों को क्रॉस-वेरिफाई करने का काम सौंपा गया है।

कुछ जगहों पर बिना हिसाब-किताब वाला कैश, सोना और अन्य कीमती सामान भी मिला, जिसकी गिनती इनकम टैक्स एक्ट में बताए गए तरीकों के अनुसार की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि चल और अचल संपत्तियों का मूल्यांकन सर्च के बाद की जांच के चरण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।

फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट इंडिया  द्वारा घोषित इनकम स्ट्रीम के साथ असंगत माने जाने वाले ट्रांजैक्शन पैटर्न को फ़्लैग करने के बाद यह बिजनेस ग्रुप कई महीनों से फाइनेंशियल निगरानी में था। इन अलर्ट ने गुरुवार की समन्वित कार्रवाई से पहले किए गए संरचित आंतरिक विश्लेषण का आधार बनाया।

इक_ी की गई जानकारी की व्यापकता को देखते हुए, अधिकारियों ने संकेत दिया कि सर्च और जब्ती अभियान कम से कम अगले 48 घंटों तक जारी रहने की संभावना है क्योंकि टीमें बढ़ते सबूतों के निशान को डॉक्यूमेंट, सुरक्षित और विश्लेषण कर रही हैं।

जांच टीम में ये शामिल हैं

सूत्रों ने बताया कि पूरे ऑपरेशन की देखरेख छत्तीसगढ़ के इनकम टैक्स, इन्वेस्टिगेशन विंग के प्रिंसिपल डायरेक्टर, 1996 बैच के आईआरएस अधिकारी के रवि किरण ने की। फील्ड-लेवल कमांड जॉइंट डायरेक्टर इनकम टैक्स भरत शेगांवकर, आईआरएस (2013 बैच) के पास थी, जबकि नवल जैन, (2020 बैच) ने राजधानी भर में जांच टीमों की समन्वित तैनाती का नेतृत्व करते हुए कंडक्टिंग डिप्टी डायरेक्टर ऑफ इनकम टैक्स के रूप में काम किया।


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