रायपुर

एैशो आराम की जिदंगी के आदी दो मेडिकल छात्र एक्सटॉर्शन के मामले में फंसे, 16 साल से कर रहे थे वसूली
04-Dec-2025 8:00 PM
एैशो आराम की जिदंगी के आदी दो मेडिकल छात्र एक्सटॉर्शन के मामले में  फंसे, 16 साल से कर रहे थे वसूली

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

 रायपुर, 4 दिसम्बर। रायपुर रेंज पुलिस ने एक फर्जीवाड़ा का खुलासा किया है। फर्जी गैरजमानती वारंट भेजकर लाखों रूपए की जबरन वसूली करने वाले दो आरोपी चंद्रशेखर उर्फ चंदन सेन और निखिल राज को गिरफ्तार किया है। दोनों ही वर्तमान में जगदलपुर मेडिकल कॉलेज 2007 से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। पुलिस कॉलेज प्रबंधन को इसकी जानकारी भेज रही है। निखिल पांच करोड़ वसूल चुका था, और चंद्रशेखर 47 लाख वसूल चुका था। 

दोनों आरोपी पूर्व में भी पी.एम.टी. परीक्षा फर्जीवाड़ा प्रकरण में जेल जा चुके हैं। दोनों ही मेडिकल कॉलेज जगदलपुर के एमबीबीएस में अध्ययनरत विद्यार्थी है। आरोपियों के विरूद्ध राज्य एवं राज्य के बाहर है, धोखाधड़ी के मामले दर्ज है।

मिली जानकारी के मुताबिक छुरा निवासी खेमचंद ने थाना आकर शिकायत दर्ज कराया कि उसे अगस्त 2025 में डाक से एक नॉन बेलेबल वारंट प्राप्त हुआ था। जिसमें आरोपी निखिल राज ने झूठे प्रकरण में फंसाने की धमकी देकर दो लाख रूपये दे दो नहीं तो तुमको जेल भिजवा दूंगा, कह कर धमकाता था। डर में खेमचंद ने अगस्त में निखिल राज को एक लाख रूपए एवं डाक से प्राप्त नॉन बेलेबल वारंट दिया गया था। इसके आरोपी एवं उसके अन्य साथी चन्द्रशेखर उर्फ चंदन सेन भी जेल भेजने की धमकी देकर पैसा एैठने लगे। इन सब से परेशान होकर खेमचंद्र ने इसकी शिकायत छुरा थाना में दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ धारा 308(2) बीएनएस.एवं अन्य धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया ।

 छुरा पुलिस की टीम तलाशी और पड़ताल करते हुए चन्द्रशेखर उर्फ चंदन सेन को थाना छुरा क्षेत्र से पकड़ा गया। जिससे पुछताछ करने पर उसने बताया कि उसका साथी निखिल राज हमसफर ट्रेन से भाग कर झांसी जा रहा है। सूचना पर ट्रेन के लोकेशन के आधार पर आरपीएफ. बिलासपुर एवं पेण्ड्रारोड की मदद से आरोपी निखिल राज को पकड़ा गया। दोनों से पुछताछ करने पर अपराध करना स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि वे पूर्व से मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थी है। बहुत ज्यादा खर्च करने की आदत के कारण लोगों को  झांसा देकर/धोखाधडी कर पैसा ऐठने का काम वर्ष 2009 से कर रहे है। इस प्रकरण में आरोपी निखिल राज को एक दिन एक कोरा वारंट मिला था। जिस पर उसने अपने साथी चंदन सेन के साथ मिल कर अवैध तरीके से पैसा कमाने के उदे्श्य से वारंट में खेमचंद का नाम पता लिख कर उसे नॉन बेलेबल वारंट बना कर उसके घर के पते पर भेजा था।  इसके बाद खेमचंद को मामला सेटलमेंट करने धमकी देकर एक लाख रूपये लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 111,318(4),338, 336(3),340,(1)(2) बीएनएस की धारा अपराध में जोडी गयी है।

दोनो आरोपियों के विरूद्ध राज्य एवं राज्य के बाहर अलग अलग थानों में धोखाधडी के बहुत से अपराध पंजीबद्ध है। वे दोनो वर्ष 2007 में पीएमटी परीक्षा पास किये थे। जिसके बाद दोनों ने मेडिकल कॉलेज जगदलपुर में एडमिशन लिया था। वही पर दोनों की मुलाकात हुई थी। इसके बाद बहुत जल्दी बहुत अधिक धन कमाने के लालच में उन्होंने लोगों को फर्जी तरिके से पीएमटी. परीक्षा पास कराने और उसके एवज में अवैध धन कमाने के उदे्श्य से कुछ लोगों को दुसरे राज्यों से बुलाकर, पीएमटी परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी के जगह परीक्षा में बैठाकर पास कराने का ठेका लेने की शुरूवात करने की सोची। इसी उदे्श्य से वर्ष 2009 के पीएमटी. परीक्षा में आरोपी द्वारा जिला महासमुंद में वास्तविक अभ्यर्थी की जगह दुसरे अभ्यर्थी को बैठाकर परीक्षा दिलवाया गया था। बाद में व्यापम द्वारा इसकी जानकारी होने पर दोनो आरोपीसहित 09 लागों पर थाना कोतवाली महासमुंद में सुसंगत धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया गया था।

इसी प्रकार वर्ष 2010 के पीएमटी. परीक्षा में आरोपी द्वारा जिला बिलासपुर में वास्तविक अभ्यर्थी की जगह दुसरे अभ्यर्थी को बैठाकर परीक्षा दिलवाया गया था। जिसमें जानकारी होने पर दोनो आरोपीसहित 08 लागों पर थाना सरकंडा बिलासपुर में भी अपराध पंजीबद्ध किया गया था।

आरोपी चन्द्रशेखर उर्फ चंदन सेन निवासी ग्राम कनसिंघी हाल राजापारा छुरा जो थाना छुरा का निगरानी बदमाश है। आरोपी निलिख राज महुरानीपुर झांसी उत्तर प्रदेश हॉल पता मेडिकल कॉलेज जगदलपुर का अबतक का ज्ञात अपराधिक रिकार्ड निम्नानुसार है।


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