रायपुर
फेडरेशन ने हड़ताल स्थगित किया तो तृतीय वर्ग का नया दांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 24 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ संघ और उससे संबद्ध संगठन 29 अक्टूबर को भोजनावकाश में प्रदेश के सभी सुविधानुसार जिला एवं ब्लॉक मुख्यालयों में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपेगा। इसमें सरकार से मोदी की गारंटी को पूरा कराने पुन: ध्यानाकर्षण कराएगा।
बता दें कि तृतीय वर्ग संघ, फेडरेशन का सबसे बड़ा संगठन हैं।और फेडरेशन ने 22 अक्टूबर से घोषित बेमुद्दत हड़ताल को एक माह के लिए स्थगित कर दिया है।
संघ के अध्यक्ष पवन शर्मा ने एक बयान में कहा कि प्रदेश के अधिकारी व कर्मचारियों एवं पेंशनरों को केन्द्र की तिथि से महंगाई भत्ता व महंगाई राहत प्राप्त नहीं हो रहा है जबकि महंगाई दर लगातार बढ़ रही है ऐसी स्थिति में कर्मचारियों को बहुत ज्यादा आर्थिक नुकसान हो रहा है।
भाजपा ने सत्ता में आने से पूर्व कर्मचारियों के मंच से तथा अपने घोषणापत्र में मोदी की गारंटी मतलब गारंटी पूरा होने की गारंटी के नाम से प्रदेश के कर्मचारियों को केन्द्र की तिथि से महंगाई भत्ता पूर्व की एरियर्स राशि सहित देने का वादा किया था। सरकार बने दो वर्ष पूरे होने जा रहे हैं किन्तु महंगाई भत्ता के लिए की गई घोषणा, चार स्तरीय समयमान वेतनमान लागू करने क्रियान्वयन तथा सातवें वेतनमान के अनुसार गृहभाड़ा भत्ता सहित अन्य भत्तों के पुनरीक्षण पर अमल नहीं किया जा रहा है । राज्य कर्मी अभी भी केन्द्र से 3 प्रतिशत पीछे हैं। देश के अन्य भाजपा शासित राज्य अपने कर्मचारियों को केन्द्र के समान जुलाई 2025 से महंगाई भत्ते के भुगतान का घोषणा/आदेश कर चुकी हैं। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के अनियमित एवं संविदा कर्मचारियों को भी कमेटी गठित कर 100 दिनों के भीतर नियमित करने का वादा किया था जिस पर भी निर्णय नहीं लिया गया है।
यहां यह भी उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश जैसा बड़ा राज्य जहां कर्मचारियों की संख्या 25 लाख से अधिक है वहां की सरकार अपने अधिकारी एवं कर्मचारियों एवं को केन्द्र की तिथि जुलाई 2025 से 58त्न महंगाई भत्ता की घोषणा के साथ ही बोनस तथा पेंशनर्स को महंगाई राहत भी दे रही है। इन्हीं मुद्दों को लेकर संघ ने विरोध का निर्णय लिया है।


