रायपुर

पुरानी बस्ती के निवासियों को वक्फ बोर्ड का नोटिस, जमीन कब्जाने पर दो दिन में मांगा जवाब
23-Oct-2025 7:14 PM
पुरानी बस्ती के निवासियों को वक्फ बोर्ड का नोटिस, जमीन कब्जाने पर दो दिन में मांगा जवाब

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 23 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड की एक नोटिस को लेकर भाजपा के ही दो नेता आमने-सामने हो गए हैं। संघ के अनुषांगिक संगठन राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के प्रमुख डा सलीम राज की अध्यक्षता वाले वक्फ बोर्ड ने पुरानी बस्ती इलाके में दशकों से रह रहे हिंदू परिवारों को नोटिस थमा दिया है। इसका भाजपा नेता और खाद्य आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा ने ट्वीट के अंतरराष्ट्रीय मंच पर विरोध किया है।

पुरानी बस्ती थाने के पीछे स्थित मस्जिद से लगी जमीन पर काबिज लोगों को जारी इस नोटिस के जरिए वक्फ बोर्ड का दावा है कि जिस जगह पर उनका मकान है, वह जमीन वक्फ बोर्ड की है। लिहाजा 2 दिन के भीतर कलेक्टर के सामने उपस्थित होकर इसका जवाब दें अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे की जाएगी। गौरतलब है कि, बोर्ड ने इन परिवारों को दिवाली से ठीक 1 दिन पहले यह नोटिस थमाया है। इसे लेकर भी लोगों में गहरी नाराजगी है। इन परिवारों का कहना है कि उनके पास 1965 और 1948 की रजिस्ट्री पेपर है। 60-70 सालों में वक्त बोर्ड को अपनी जमीन का ख्याल नहीं आया, अब अचानक नोटिस थमाया जा रहा है। स्थानीय रहवासियों ने बताया कि दिवाली के अगले दिन नोटिस देकर 24 तारीख तक जवाब मांगा गया था। निवासियों का कहना है कि इससे पहले बोर्ड ने कभी कोई नोटिस नहीं दिया था। न ही कोई दावा किया था।

इस पर भाजपा नेता और खाद्य आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा ने एक ट्वीट में कहा कि ठीक त्योहार के समय हिंदुओं को वक्फ बोर्ड का नोटिस। वक्फ की जमीन  कब्जाने हो। दो दिन में जवाब दो। नहीं तो कार्यवाही की धमकी। 100-100 साल से निवासरत पुरानी बस्ती निवासी हलाकान है।

इस पर कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि  वक्फ बोर्ड में अपने आप को हिन्दूओं के रक्षक, सनातनी बताने वाले भाजपा के पैरोकार बैठे हैं। ये है भाजपा का वास्तविक चेहरा। गरीब हिंदुओं को परेशान किया जा रहा है। 100 साल से काबिज का मतलब ही वास्तविक हकदार होता है। सरकार से मांग है कि नोटिस वापस लिया जाए।

 इस बीच बोर्ड के अध्यक्ष डॉ राज ने कहा कि इसे सामान्य प्रक्रिया बताते हुए बोर्ड के सीईओ से जानकारी ली जाएगी कि दीपावली के वक्त नोटिस कैसे जारी की गई। उन्होंने कहा कि यह नोटिस बोर्ड, मस्जिद के मुतवल्ली के द्वारा भेजी गई लिस्ट के आधार पर दी जाती है।वह भी तीन नोटिस देने का प्रावधान है,7, 30 और 45 दिन की नोटिस होती है। इसके बाद भी जवाब दावा नहीं आता तब कार्रवाई की जाती। राज ने कहा कि सभी को पर्याप्त समय दिया जाएगा।


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