रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 8 अक्टूबर। छत्तीसगढिय़ा क्रांति सेना ने मानव तस्करी का अंदेशा जताते हुए आज 80 से अधिक युवक-युवतियों को मुक्त कराया। ये सभी देवपुरी में संचालित चेन मार्केटिंग में कार्य कर रहे थे। सेना ने इन्हें बंधक बनाए रखने का आरोप लगाया। कंपनी की राजधानी के देवपुरी, मोवा, भाटागांव, डुमरतराई में शाखाएं खोली गई थी जहां छत्तीसगढ़ के युवक-युवतियों को उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, और मध्यप्रदेश में नौकरी देने के बहाने रखा गया था।
देवपुरी एवं टांडा गांव के कुछ युवतियों ने क्रांति सेना के सदस्यों से संपर्क कर इसकी जानकारी दी थी। इसके बाद संगठन के नेताओं ने एसएसपी लाल उम्मेद सिंह को पूरी जानकारी दी। एसएसपी ने क्राइमब्रांच की टीम को क्रांति सेना के कार्यकर्ताओं को भेजकर कार्रवाई करवाई। इस दौरान कंपनी के 8 ट्रेनर कर्मचारी पकड़े गए। इन्होंने बताया कि इनका डायरेक्टर ग्वालियर निवासी कोई तोमर है, जो मौके पर नहीं मिला। कंपनी 80 से ज्यादा युवक-युवतियों से रोजगार देने का झांसा देकर 50 हजार से 1 लाख रूपए राशि सुरक्षा निधि के रूप में जमा भी करवाई है। यह रकम इन युवक-युवतियों के परिजनों के बजाए दोस्त या दोस्तों से जमा करवाया गया। यह भी बताया गया कि इन युवक-युवतियों के मोबाइल स्टेटस में पिज्जा, बर्गर जैसे मंहगे खाद्यान की फोटो सेव करवाई गई, ताकि परिवार को अच्छी रहन-सहन का आभास हो। कंपनी के कर्मियों ने यह लालच भी दिया कि दीवाली में घर मत जाना बिजनेश टूर पर नाइजीरिया, कांको जैसे देश ले जाएंगे। फिलहाल पुलिस ने कोई अपराध दर्ज नहीं किया है।


