रायपुर

सामाजिक विकास का मूलमंत्र है शिक्षा, शिक्षा के बिना है जीवन अधूरा-साय
06-Oct-2025 9:56 PM
सामाजिक विकास का मूलमंत्र है शिक्षा, शिक्षा के बिना है जीवन अधूरा-साय

 राष्ट्रीय मछुवारा जागरूकता सम्मेलन में सीएम हुए शामिल

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 6 अक्टूबर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। शिक्षा केवल नौकरी प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि सफल जीवन का मार्ग है। सामाजिक विकास का मूलमंत्र शिक्षा है। चाहे जीवन जीने की कला हो, व्यापार हो, कृषि हो या कोई अन्य क्षेत्र — हर क्षेत्र में सफलता के लिए शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है।

रविवार को श्री साय ने राजधानी रायपुर स्थित बलबीर सिंह जुनेजा इनडोर स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय मछुवारा जागरूकता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आगे कहा कि हमारी सरकार प्रारंभ से ही राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। राज्य गठन के समय जहां केवल एक मेडिकल कॉलेज हुआ करता था, वहीं आज प्रदेश में लगभग 15 मेडिकल कॉलेज हो चुके हैं। इसी तरह हमने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थान जैसे आईआईटी, ट्रिपल-आईटी, आईआईएम, लॉ यूनिवर्सिटी, एम्स और सिपेट जैसे संस्थान छत्तीसगढ़ में स्थापित किए हैं, जिनका लाभ राज्य के स्थानीय विद्यार्थियों को मिल रहा है।

केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी निषाद ने कहा कि निषाद समाज का गौरवशाली इतिहास और परंपरा रही है। हमारे इतिहास और परंपरा के बारे में नई पीढ़ी को बताना और सिखाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने सदैव निषाद समाज को अग्रणी स्थान दिया है।

उन्होंने बताया कि जब अयोध्या में प्रभु श्री रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण किया गया, तब उसी के सामने सरयू नदी के तट पर निषाद राज मंदिर का निर्माण कर समाज को उचित सम्मान दिलाने का कार्य प्रधानमंत्री श्री मोदी ने किया है। इस हेतु निषाद समाज सदैव उनका ऋणी रहेगा।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि निषाद समाज अत्यंत मेहनतकश और परिश्रमी समाज है। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति में निषाद समुदाय का योगदान अनुकरणीय है।

इस अवसर पर विधायक सुनील सोनी, छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा, सहित प्रदेश और अन्य राज्यों से आए समाज के पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

सीएम ने किया ‘राम प्यारा पारकर एक अटल व्यक्तित्व’ का विमोचन

राष्ट्रीय मछुवारा जागरूकता सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने साहित्यकार, प्रदेश निषाद समाज के संस्थापक सदस्य, 3 बार प्रदेश निषाद समाज के प्रदेशाध्यक्ष रहे रामप्यारा पारकर की जीवनी पर आधारित पुस्तक ‘राम प्यारा पारकर एक अटल व्यक्तित्व’ का विमोचन भी किया। यह पुस्तक स्व. रामप्यारा पारकर की बेटी पत्रकार मनीषा निषाद ने लिखी है। ज्ञात हो कि  स्व. रामप्यारा पारकर वर्ष 1980 में छत्तीसगढ़ निषाद केंवट समाज की स्थापना, 1980 से 1985 तक महासचिव, 1986 से 1987 तक उपाध्यक्ष एवं 1988 से 1990 तक अध्यक्ष तथा पुन: 2002 से 2007 तक प्रदेश अध्यक्ष पद पर कार्यरत रहे तथा निषाद केंवट समुदाय के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने भिलाई में 1980 में जो संगठन स्थापित किया, वही छत्तीसगढ़ निषाद केंवट समाज पंजीयन क्रमांक-10579 आज राज्य स्तर पर कार्यरत है। वर्ष 1992 में प्रांतीय संगठन मध्यप्रदेश मांझी महांसघ के रायपुर संभागीय अध्यक्ष तथा प्रांतीय महामंत्री पद पर वर्ष 1999 तक कार्य किया। छत्तीसगढ़ मछुआ महासंघ में प्रांतीय संयोजक के रूप में दो दशक के अधिक समय तक कार्य करते रहे तथा मछुआ समुदाय के समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रयत्नशील रहे।


अन्य पोस्ट