रायपुर
नक्सलियों का समर्पण इवेंट लग रहा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 3 अक्टूबर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि धान खरीदी के लिए अनिवार्य किए गए एग्री स्टेक पोर्टल में पंजीयन बंद हो गया। अभी तक पूरे किसानों का पंजीयन नहीं हुआ है, पिछले साल के मुकाबले लाखों किसान पंजीयन से वंचित है। एग्री स्टेक पोर्टल में आने वाली दिक्कतों पोर्टल बंद रहने, डाटा की गड़बडिय़ों खसरा खतौनी में मिलान नहीं होने से बहुत से किसानों का पंजीयन नहीं हो पाया है। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि पोर्टल में पंजीयन की तिथि और बढ़ाई जाय। जिनका पंजीयन पोर्टल से नहीं हो रहा उनका पंजीयन सोसायटियों में करने की वैकल्पिक व्यवस्था की जाय।
बैज ने कहा कि आज खबरे छपी है कि बस्तर में 103 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। तीन दिन पहले भी कुछ नक्सलियों के समर्पण की खबरे आई थी। एक बड़ा सवाल यह समर्पण अमित शाह के दौरे के एक दिन पहले ही हुआ। यह सरकार इवेंट लग रहा सरकार सभी समर्पित नक्सलियों का प्रोफाइल सार्वजनिक करे।
बैज ने कहा कि चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के लिए रायपुर ग्रामीण विधानसभा को पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में लिया है। सवाल उठता है रायपुर ग्रामीण ही क्यों? रायपुर ग्रामीण में उरला, भनपुरी, उरकुरा, सोनडोंगरी, सरोरा जैसे औद्योगिक क्षेत्र है। सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले भी रायपुर ग्रामीण में ही निवास करते है। बड़ी संख्या में वहां लोग 2003 के बाद डेढ़-दो दशक से दूसरे प्रांतों से आकर काम कर रहे ऐसे में उनका नाम 2003 की मतदाता सूची में नहीं होगा। इस आधार पर नाम काट के प्रोपोगंडा किया जाएगा।


