रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 1 अक्टूबर। केंद्र ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) में एक अहम संशोधन किया है। इसमें अब अखिल भारतीय सेवा के साथ राज्य शासन में कार्यरत केंद्रीय सिविल सेवा के अधिकारी कर्मचारी भी शामिल किए गए हैं। इन्हें अब 30 नवंबर तक विकल्प का चयन करना होगा।
सरकार ने उन केंद्रीय कर्मचारियों को दो महीने का समय दिया है जिन्होंने अभी तक यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) को नहीं चुना है। कई कर्मचारी संघों ने कैबिनेट सचिव को पत्र लिखकर आखिरी तारीख को दो महीने और बढ़ाने की मांग की थी। पहले इस स्कीम को चुनने की आखिरी तारीख 30 सितंबर थी। अब आखिरी तारीख 30 नवंबर हो गई है। सरकार इससे पहले भी इस स्कीम की आखिरी तारीख को बढ़ा चुकी है। केंद्र सरकार के 23 लाख कर्मचारियों में से सिफ एक लाख कर्मचारियों ने ही अभी तक इस स्कीम को चुना था। केंद्रीय कर्मचारियों की इस कम भागीदारी को देखते हुए केंद्र सरकार के शीर्ष स्तर पर बैठे अधिकारी अब इस विषय पर गंभीरता से विचार-विमर्श कर रहे थे कि क्या यूपीएस को चुनने की आखिरी तारीख को आगे बढ़ाया जाए। वहीं कर्मचारी संघों का कहना था कि आखिरी तारीख बढ़ाने से और भी ज्यादा कर्मचारी मौजूदा नेशनल पेंशन स्कीम से यूपीएस में आसानी से बदल पाएंगे। इसके बाद सरकार ने तारीख बढ़ाने का फैसला लिया।
वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को यूपीएस चुनने की आखिरी तारीख बढ़ाने से संबंधित पत्र जारी कर इसकी जानकारी दी है। इस पत्र के अनुसार यूपीएस में शामिल होने की समय सीमा दो महीने बढ़ा दी है। अब योग्य लोग 30 नवंबर 2025 तक अपना विकल्प चुन सकते हैं।
1 अप्रैल को हुई थी स्कीम लागू: यूपीएस को 1 अप्रैल 2025 को लागू किया गया था। क्कस्नक्रष्ठ्र के नियमों के अनुसार, इसमें शामिल होने की शुरुआती समय सीमा तीन महीने थी। यह 30 जून 2025 को खत्म हो रही थी। हितधारकों की मांग पर इस समय सीमा को पहले 30 सितंबर 2025 तक बढ़ाया गया था।


