रायपुर

दहेज उत्पीडऩ में गर्भवती ने की आत्महत्या, पति को 10 साल कैद
29-Sep-2025 5:54 PM
दहेज उत्पीडऩ में गर्भवती ने की आत्महत्या, पति को 10 साल कैद

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 29 सितंबर। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश जितेन्द्र कुमार सिंह की अदालत ने दहेज प्रताडऩा और मृत्यु के मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी पति धर्मेन्द्र चक्रधारी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 1,000 रुपए के अर्थदण्ड की सजा सुनाई है।

अभियोज का मामला यह है कि 15 फरवरी 2021 को धनेली मोड़ स्थित रायल पोल्ट्री फार्म सर्वेंट क्वार्टर में सुनीता चक्रधारी 8 माह की गर्भवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।

मृतका के मायके पक्ष ने आरोप लगाया कि विवाह के बाद से ही पति धर्मेन्द्र, ससुर जबरसिंह और सास बासमती चक्रधारी दहेज में मोटर साइकिल की मांग कर रहे थे। इसी प्रताडऩा से तंग आकर सुनीता ने आत्महत्या की। घटना के बाद थाना मुजगहन में अपराध क्रमांक 123/2021 दर्ज हुआ। विवेचना में पति, ससुर और सास की संलिप्तता सामने आई। आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

सुनवाई के दौरान अभियोजन ने कहा कि दहेज की मांग और क्रूरता के कारण गर्भवती मृतका को आत्महत्या करनी पड़ी।

न्यायालय ने माना कि आरोपी धर्मेन्द्र चक्रधारी ने अपनी पत्नी को दहेज प्रताडऩा दी, जिसके कारण उसकी और गर्भस्थ शिशु की मृत्यु हुई।ससुर और सास के संबंध में पर्याप्त प्रमाण न होने से उन्हें राहत मिली। धर्मेन्द्र को धारा 304-बी भा.दं.सं. (दहेज मृत्यु) के तहत दोषी ठहराया गया। 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 1,000 का अर्थदण्ड दिया गया। अर्थदण्ड न भरने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास दिया जाएगा।


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