रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 29 सितंबर। एनसीईआरटी अब अलग-अलग स्कूल बोर्डों से जारी कक्षा 10 और 12 के प्रमाणपत्रों को बराबरी का दर्जा देगी। इनमें छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल भी शामिल हैं। इसका मतलब यह है कि ये प्रमाणपत्र उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश और सरकारी नौकरियों के लिए मान्य होंगे। इससे पहले यह जिम्मेदारी एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज के पास थी, लेकिन अब इसे एनसीईआरटी के राष्ट्रीय मूल्यांकन केंद्र के माध्यम से किया जाएगा। सरकार ने कहा कि यह नया सिस्टम सभी केंद्रीय, राज्य और मान्यता प्राप्त निजी स्कूल बोर्डों पर लागू होगा. इसका उद्देश्य यह है कि भारत में सभी स्कूल बोर्डों के प्रमाणपत्रों को बराबरी का दर्जा मिले, जिससे छात्र बोर्ड बदलते समय आसानी से एडजस्ट कर सकें. एनसीईआरटी के तहत यह प्रक्रिया शैक्षणिक रूप से मजबूत और उच्च मानकों वाली होगी. इसका मतलब है कि अब इंटर-बोर्ड माइग्रेशन और कॉलेज/सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करना आसान और पारदर्शी होगा। इसका मतलब यह है कि ये प्रमाणपत्र उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश और सरकारी नौकरियों के लिए मान्य होंगे। इसकी सूचना स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने ई-गैजेट में प्रकाशित की है। इससे पहले यह जिम्मेदारी एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज के पास थी, लेकिन अब इसे एनसीईआरटी के राष्ट्रीय मूल्यांकन केंद्र के माध्यम से किया जाएगा. एनसीईआरटी के तहत यह प्रक्रिया शैक्षणिक रूप से मजबूत और उच्च मानकों वाली होगी. इसका मतलब है कि अब इंटर-बोर्ड माइग्रेशन और कॉलेज/सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करना आसान और पारदर्शी होगा।


