रायपुर

निर्माण विभाग पूंजीगत व्यय में बीते साल से पिछड़े
27-Sep-2025 7:14 PM
निर्माण विभाग पूंजीगत व्यय में  बीते साल से पिछड़े

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 27 सितम्बर। राज्य सरकार अपना तीसरे बजट पेश करने की तैयारी कर रही है और उसके विभाग खासकर निर्माण विभाग चालू बजट खर्च करने फिसड्डी साबित हुए हैं।

इसे लेकर स्वयं मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह ने कहा है कि

कुछ विभागों का पूंजीगत व्यय, गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष कम परिलक्षित हो रहा है, जबकि इस वर्ष विगत वर्ष से 18 प्रतिशत अधिक पूंजीगत व्यय किया जाना है। वित्तीय वर्ष की प्रथम छ:माही समाप्ति की ओर है, अत: आगामी छ:माही में अधिकतम पूंजीगत व्यय सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

अब तक के खर्च को लेकर सीएम विष्णु देव साय संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने  वित्तीय वर्ष 2025-26 के सालाना बजट में प्रावधानित  पूंजीगत व्यय  के विरूद्ध व्यय की समीक्षा का फैसला किया है।

इसके लिए बैठक 1 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे होगी।  प्रमुख सचिव सुबोध  सिंह ने सभी एसीएस / प्रमुख सचिव / सचिवों और विभागाध्यक्षों  की बैठक बुलाई है। नए मुख्य सचिव विकास शील की अध्यक्षता में  भी यह पहली आधिकारिक बैठक होगी।

इस बैठक के लिए  सीएम साय ने सभी निर्माण विभागों से  वित्तीय वर्ष 2025-26 की तृतीय एवं चतुर्थ तिमाही की कार्य योजना, जिसमें विभाग द्वारा कितना व्यय किया जाना संभावित है, की जानकारी। वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के बजट में शामिल कार्यों की संख्या, राशि एवं इसके विरूद्ध अभी तक जारी की गई प्रशासकीय स्वीकृति (राशि एवं कार्यों की संख्या) तथा अद्यतन व्यय की जानकारी।

इस वर्ष स्वीकृत कार्यों में से कितने कार्यों की निविदाएं जारी की गई है एवं कितने कार्य आदेश जारी किये गये है, की संख्या एवं राशि की जानकारी 30 सितंबर तक मांगी है। इसके अतिरिक्त  मुख्यमंत्री साय इस वर्ष के पहले दिन यानि 01 जनवरी को सचिवों के साथ हुई बैठक में दिये गये निर्देशों के क्रियान्वयन पर भी चर्चा करेंगे।

कुछ अहम तथ्य-छत्तीसगढ़ के 2025-26 के कुल बजट 1.65 लाख करोड़ का  है। पूंजीगत व्यय (कैपेक्स): कैपेक्स को बढ़ाकर 26,341 करोड़ किया गया है, जिससे सडक़, पुल, स्कूल और अस्पतालों के निर्माण पर जोर दिया गया था।

इस बार सरकार ने पहला अनुपूरक बजट भी नहीं लिया है।

पूंजीगत व्यय में इतनी कमी के बाद भी सरकार ने सोमवार को आरबीआई से 500 करोड़ का कर्ज मांगा है। यह कर्ज शासकीय प्रतिभूतियों की नीलामी से लिया जा रहा है।

इस वर्ष पूंजीगत व्यय (यानी भवन पुल पुलिस आदि निर्माण) के लिए सरकार ने 26 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा बजट मंजूर किया हुआ है।

दूसरी ओर इन विभागों के ठेकेदार भुगतान न होने को लेकर विरोध बुलंद किए हुए हैं।

आगे क्या : समझा जा रहा है कि इस समीक्षा के बाद खजाने की स्थिति देखकर  सीएम विष्णु देव साय राज्योत्सव के मौके पर कोई बड़ी योजना की घोषणा कर सकते हैं।


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