रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 22 सितंबर। गुजरात के कुछ और भाग, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब, उत्तर प्रदेश के कुछ भाग, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर से दक्षिण पश्चिम मानसून की विदाई के लिए अगले दो-तीन दिनों में अनुकूल परिस्थितियों बनी हुई है।
एक कम दबाव का क्षेत्र उत्तर पूर्व बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास स्थित है तथा इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण 5.8 की किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। इसके पश्चिम उत्तर पश्चिम दिशा में अगले 24 घंटे में आगे बढ़ते हुए उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी में पहुंचने की संभावना है।
एक दूसरा नया कम दबाव का क्षेत्र पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे लगे उत्तर बंगाल की खाड़ी के ऊपर 25 सितंबर को बनने की संभावना है। इसके पश्चिम उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए और ज्यादा प्रबल होकर और दाब के रूप में उत्तर पश्चिम बंगाल के खाड़ी और उससे लगे पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी- दक्षिण उड़ीसा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट से दूर 26 सितंबर को बनने की संभावना है । इसके दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश तट के पास 27 सितंबर को पहुंचने की संभावना है।
एक द्रोणिका उत्तर पूर्व बंगाल की खाड़ी में स्थित ऊपरी हवा के चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण से कर्नाटक तक 3.1 किलोमीटर से 4.5 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण उत्तर पूर्व उत्तर प्रदेश और उसके आसपास स्थित है तथा यह 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। प्रदेश में कल 23 सितंबर को अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पडऩे की संभावना है। प्रदेश में 1-2 स्थानों पर गरज चमक के साथ भारी वर्षा होने तथा वज्रपात होने की संभावना है। प्रदेश में भारी वर्षा का क्षेत्र मुख्यत: दक्षिण छत्तीसगढ़ रहने की संभावना है ।


