रायपुर

हिंदी अभिव्यक्ति का सबसे प्रभावी माध्यम
20-Sep-2025 6:43 PM
हिंदी अभिव्यक्ति का सबसे प्रभावी माध्यम

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 20 सितंबर। शुक्रवार को शासकीय दूधाधारी बजरंग महिला स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय में हिंदी पखवाड़ा अंतर्गत व्याख्यान का आयोजन किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं जानी-मानी साहित्यकार डॉ. सत्यभामा आडिल ने कहा कि हम केवल एक दिन हिन्दी दिवस ना मनाए बल्कि हिंदी भाषा को राष्ट्रभाषा बनाने में अपना योगदान दे।भाषा जोड़ती है तोड़ती नहीं। हिंदी को प्राथमिकता अवश्य दें।

मुख्य अतिथि डॉ चित्तरंजन कर ने अपने व्याख्यान में भाषा के दर्द को बयां किया।सभी भाषाओं का सम्मान आवश्यक है,  हिंदी भी संस्कृति है फिर भाषा हैं। साहित्य संस्कार है और भाषा संस्कृति।

प्राचार्य डॉ. किरण गजपाल ने हिंदी दिवस की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं दी। डॉ. जया तिवारी, विभागाध्यक्ष अंग्रेजी ने कहा कि जब भी आप भाषण दे वक्तव्य दे तो एक ही भाषा का प्रयोग करें और वह भी शुद्धता के साथ । खिचड़ी ना बनाएं।

 स्वागत उद्बोधन में विभागाध्यक्ष डॉ कल्पना मिश्रा ने  कहा कि हिंदी अभिव्यक्ति करने का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम है बशर्ते आप उसकी अहमियत समझें ।

कार्यक्रम का  संचालन मंजू कोचे ने किया । इस अवसर पर मनीषा ठाकुर लक्ष्मी पटेल, जुलेश्वरी , रिमझिम, गीतांजलि ने गीत व भाषण प्रस्तुत किये।

हिंदी पखवाड़ा के अंतर्गत पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में रजनी लकरा प्रथम, वीणा द्वितीय, लक्ष्मी व गुरुबानी तृतीय स्थान को पुरस्कृत किया गया।  कार्यक्रम में प्राध्यापक डॉ. किरण शर्मा, डॉ. दुर्पत मिरी, डॉ. आरती उपाध्याय, डॉ. प्रीति कंसारा, डॉ. अनिता दीक्षित, डॉ. रागिनी पाण्डेय, डॉ रितु मारवाह, डॉ प्रीति जायसवाल, कविता ठाकुर, संध्या ठाकुर एवं अन्य और हिंदी विभाग के सभी शोधार्थी ,छात्राएं उपस्थित रहीं।


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