रायपुर

ठेकेदार रिश्वत न दे तो बिल अटकाए रखते हैं अफसर, आठ महीनों से भुगतान नहीं
17-Sep-2025 7:57 PM
 ठेकेदार रिश्वत न दे तो बिल अटकाए रखते  हैं अफसर, आठ महीनों से भुगतान नहीं

ठेकेदारों की बैठक में फैसला, सीएम, सीएस से करेंगे शिकायत

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 17 सितंबर। मंगलवार को दोपहर छत्तीसगढ़ कॉन्ट्रेक्टर एसोसिएशन की प्रदेश स्तरीय बैठक हुई। इसमें ठेकेदारों ने अधिकारियों की मनमानी, कई महीनों से भुगतान न होने, कार्य में आ रही परेशानी को लेकर अपनी समस्या बताई। समस्याओं पर चर्चा करके एक राय से निर्णय लिया गया कि मुख्यमंत्री सहित मुख्य सचिव आदि उच्चाधिकारियों से मिलकर शिकायत करेंगे।

ठेकेदारों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि भुगतान के लिए जब विभाग में बिल अर्जी लगाते हैं तो अधिकारी जानबूझकर तरह-तरह के सवालों से परेशान करते हैं, अनेक अधिकारी तो खुलकर रिश्वत की मांग करते हैं, यदि ठेकेदार रिश्वत न दे तो उनकी भुगतान फाइल अटकी रह जाती है।  यही वजह है कि आठ महीनों से भुगतान नहीं हुआ है।

ठेकेदारों का कहना था कि ठेकेदार यदि एकजुट होकर अधिकारियों की मनमानी का विरोध करें तभी समस्या का समाधान हो सकता है। जगदलपुर, कांकेर, कवर्धा, बिलासपुर, धमतरी, दुर्ग सहित अनेक जिलों से आए ठेकेदारों का कहना था विकास की बातें केवल कागजों में होती है। ठेकेदार सही काम करना चाहते हैं, लेकिन अधिकारी करने ही नहीं देते। कुछ ठेकेदार अपने फायदे के लिए अधिकारियों की जी हुजूरी करते हैं, इससे अन्य ठेकेदार बदनाम होते हैं।

 एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरेश शुक्ला ने बताया कि प्रदेशभर के ठेकेदार एकजुट हो चुके हैं, मुख्यमंत्री सहित अन्य अधिकारियों से मुलाकात करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही लोक निर्माण मंत्री अरुण साव, पंचायत एवं ग्रामहीण विकास मंत्री विजय शर्मा से भी मुलाकात करके अपनी समस्या बताएंगे। बैठक में लोक निर्माण विभाग, जल जीवन मिशन, जल संसाधन विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना, मंडी बोर्ड सहित अनेक विभाग के ठेकेदार शामिल रहे।


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