रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 20 अगस्त। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्य की सरकारें,म.प्र.राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49 के 6वीं अनुसूची में दिए उपबन्धों की गलत व्याख्या कर दोनों राज्यों के पेंशनरों के साथ पिछले 22 सालों से छलावा करती आ रहीं हैं।दोनों राज्य के पेंशनरों का महंगाई राहत भाजपा - कांग्रेस सरकारों के असहमति के कुचक्र में उलझा हुआ है।भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री व छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त पेंशनर फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने कहा है कि च्च्सभी राजनैतिक दल धारा 49 को विलोपितज्ज् करने की बात को चुनावीं घोषणा पत्र में शामिल करें ।और दोनों राज्य के मुख्यमन्त्री को ट्वीट कर इस मांग पर ध्यान आकर्षित किया है।
पेन्शनर फेडरेशन से जुड़े विभिन्न संघों के प्रांताध्यक्ष क्रमश: डॉ डी पी मनहर, आर पी शर्मा,जे पी मिश्रा,यशवन्त देवान ने दोनों राज्य के प्रमुख राजनैतिक दलों से धारा 49(6) को विलोपित करने की मांग को विधान सभा चुनाव 2023 के लिए जारी होने वाली घोषणा पत्र में शामिल करने की मांग की है।


