रायपुर

मां और दो बेटियों ने हाउसिंग फर्म बनाकर लोगों से लाखों ठगे,गिरफ्तार
20-Aug-2023 7:38 PM
मां और दो बेटियों ने हाउसिंग फर्म बनाकर लोगों से लाखों ठगे,गिरफ्तार

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 20 अगस्त। मां और दो बेटियों  ने एक डेवलपर्स एंड कंस्ट्रक्शन फर्म बनाकर घर बनाने के नाम पर लोगों से लाखों की ठगी। न्यू राजेन्द्र नगर पुलिस ने धारा 420,34 कि मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में इनकी ठगी का शिकार तीन लोगों ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। इनमें एक इनके आफिस में कार्यरत युवती भी शामिल है।

टीआई योगिता खापर्डे ने बताया कि इन तीनों ने मिलकर बहुतों को ठगा है। इनमें से 4-5 लोगों ने आज थाने आकर  बयान दर्ज कराने की बात कही है। उसके बाद और खुलासा हो सकेगा। फिलहाल ते 40-50 लाख की जानकारी मिली है । उन्होंने यह भी बताया कि दोनों बेटियां,मां के एकाउंट में रकम ट्रांसफर कराती रही। इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है ।ये  तीनों  मूलत: बिहार के रहने वाले हैं, पांच वर्ष पूर्व ही रायपुर आ बसे ।

थाने में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार उरकुरा निवासी देवव्रत दुबे(38) से  प्रीति, प्रिया और शीला चौधरी पर 50 लाख की ठगी की। ये तीनों चौधरी डेवलपर्स एंड कंस्ट्रक्शन कंपनी की संचालक हैं। शीला चौधरी मां है। इन लोगों ने 23 जुलाई 22 से 20 मार्च 23 के बीच देवव्रत से मकान बुकिंग, और कंस्ट्रक्शन एडवांस के नाम पर 50 लाख रूपए लिया। और मकान का पता नहीं था।पुलिस  ठगी का अपराध दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।

पुलिस के मुताबिक  एक अन्य एफआईआर न्यू शांतिनगर निवासी मोहम्मद फारुख खान तथा अन्य लोगों की शिकायत पर प्रीति तथा प्रिया चौधरी के खिलाफ ठगी का अपराध दर्ज किया गया है। फारुख के मुताबिक प्रीति तथा प्रिया के साथ उसकी पत्नी का फेसबुक के माध्यम से संपर्क हुआ। दोनों बहनों ने मिसेस फारूख को सस्ते कीमत पर मकान बनाने का झांसा देते हुए उसका मोबाइल नंबर हासिल किया। मोबाइल नंबर हासिल करने के बाद दोनों बहनें फारुख के घर पहुंचे। और पति-पत्नी को अपने झांसे में ले मकान बनाने का ठेका हासिल करते हुए साढ़े पांच लाख रुपए में मकान बनाकर देने का झांसा देते हुए उन लोगों से रकम हासिल किया।

लोगों को अपडेट देने बनाया था वाट्सएप ग्रुप

फारुख के मुताबिक दोनों बहनों ने मकान कंस्ट्रक्शन का अपडेट देने के लिए एक वाट्सएप ग्रुप बनाया था। नींव खोदने तक की फारुख को वाट्सएप ग्रुप में जानकारी मिलती रही, बाद में जानकारी नहीं मिलने के बाद वह मौके पर जाकर मकान निर्माण की जानकारी लेने पहुंचा। तो उसे दोनों बहनों की फर्जीवाड़े की जानकारी मिली।

पैसा वापस मांगने पर फर्जी हस्ताक्षर वाले चेक थमा दिया

फारुख के मुताबिक उसने काम की गति तथा अमानक काम को देखते हुए दोनों बहनों से अपने पैसे वापस लौटाने के लिए कहा तो, उन लोगों ने उसे एक फर्जी हस्ताक्षर वाला चेक थमा दिया। जो बैंक में बाउंस हो गया। इसके बाद फारुख ने पुलिस में शिकायत करने की बात कहा तो उन लोगों ने एक और चेक दिए। इसके बाद दोनों बहनों ने उस चेक का पेमेंट रूकवा दिया।


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