रायपुर
किसी अनहोनी से बचने कराई रिपोर्ट
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 31 जुलाई। गुढिय़ारी का ठेला सब्जी विक्रेता राजेंद्र कुमार किसी ठग गिरोह के झांसे में तो नहीं फंस रहा या कोई गिरोह लोगों को मुसीबत में तो नहीं डाल रहा। और इस गिरोह में बैंक कर्मी तो शामिल नहीं है । यह प्रश्न इसलिए उठाए जा रहे हैं कि राजेंद्र कुमार के आवेदन के बिना बैंक में एकाउंट खुल गया और बैक कर्मी उसमें जमा रकम निकालने दबाव भी बना रहे हैं।
आदर्श नगर पहाड़ी चौक गुढिय़ारी में चार बच्चों के साथ जैसे तैसे गुजर बसर कर रहा राजेंद्र भारती 25 जुलाई को उस वक्त सकते में आया जब उत्कर्ष स्माल फायनेंस बैंक सिविल लाइंस से एकाउंट नंबर 1400020000000455 का स्टेटमेंट कोरियर से मिला। यह देखते ही राजेंद्र को माजरा समझ नहीं आया। उसने अपने दूसरे खाते देखे तो वे दूसरे बैंक के थे। इस बैंक मैं उसका कोई खाता नहीं है। और न नया खाता खोलने कोई आवेदन ही दिया। इस बैंक से मिले स्टेटमेंट के मुताबिक 8 मई से 30 जून के लेनदेन की एंट्री दिखाई गई है । पूरा माजरा समझते ही राजेंद्र ने पूरी जागरूकता से गुढिय़ारी थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसमें उसने कहा है कि यह खाता उसकी जानकारी के बिना गलत तरीके से दस्तावेज के आधार पर खोला गया है।और इतने सारे पैसों का लेनदेन मेरे द्वारा करना असंभव है। राजेंद्र ने यह भी लिखा है कि भविष्य में किसी प्रकार के अड़चन, समस्या, और अपराध से बचने यह आवेदन दे रहा हूँ ।
राजेंद्र ने पुलिस से रिपोर्ट दर्ज करने कहा है लेकिन अब तक दर्ज नहीं किया गया है। । वह इसकी सूचना साइबर सेल, क्राइम ब्रांच पुलिस को भी दे दी है । और वह जब गुढिय़ारी स्थित इस बैंक जाकर खाता बंद कराने गया तो दो कर्मियों ने पहले पैसे निकाल लेने जोर दिया। उस वक्त एकाउंट मैं 5-6 हजार होना बता ऱहे थे। लेकिन उसने नहीं निकाले। गुढिय़ारी थाना प्रभारी ने बताया कि इस नाम का कोई बैंक या शाखा उनके इलाके में नहीं है। मामला आनलाइन ट्रांजेक्शन कि होने से प्रार्थी को साइबर सेल भेजा गया है । उसमें बड़ी संख्या में ट्रांजेक्शन दिखाए गएवहैम।साइबर सेल इसकी पड़ताल कर रहा है ।
इस बैंक की शाखा पंडरी में है। आवेदन में उपलब्ध नंबरों पर कॉल किया, तो पहली चर्चा के बाद से फोन नंबर बंद है। ऑफिस भी बंद कर गए। मामले की जांच कर रहे हैं, आरोपियों को पकड़ा जाएगा।
गिरीश तिवारी, साइबर सेल


