रायगढ़

जहां फसल लहलहा रही थी वहां अब औद्योगिक कचरा
20-Apr-2026 8:52 PM
जहां फसल लहलहा रही थी वहां अब औद्योगिक कचरा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायगढ़, 20 अप्रैल। घरघोड़ा ब्लॉक अंतर्गत टेड़ा नावपारा में कृषि भूमि पर फ्लाई ऐश डंपिंग का मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन और पर्यावरण विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस जमीन पर कुछ ही महीनों पहले धान की फसल लहलहा रही थी, आज उसी खेत को औद्योगिक कचरे के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, स्थानीय किसान सनत कुमार राठिया की भूमि जो हाल ही में फसल उत्पादन के लिए उपयोग में लाई गई थी, अब सारदा एनर्जी एंड मिनरल्स बिंजकोट द्वारा फ्लाई ऐश डंपिंग के लिए प्रयोग की जा रही है।

नियमानुसार फ्लाई ऐश का निपटान केवल निर्धारित लो-लाइंग क्षेत्रों या खदानों में किया जाना चाहिए, लेकिन यहां उपजाऊ खेतों में इसका उपयोग किया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, फ्लाई ऐश में मौजूद भारी धातुएं मिट्टी की उर्वरता को नुकसान पहुंचाती हैं और भूजल को भी प्रदूषित कर सकती हैं, जिससे लंबे समय में कृषि और मानव स्वास्थ्य दोनों पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

इस पूरे मामले में स्थानीय प्रशासन और पर्यावरण विभाग की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि संबंधित भूमि का निरीक्षण किया गया है या नहीं, और यदि यह कृषि भूमि है तो डंपिंग की अनुमति किस आधार पर दी गई। यदि समय रहते इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो क्षेत्र की उपजाऊ भूमि बंजर में तब्दील हो सकती है और किसानों की आजीविका पर गहरा संकट उत्पन्न हो सकता है।


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