रायगढ़
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायगढ़, 19 अप्रैल। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और नौसेना अकादमी की परीक्षा में सम्मिलित होकर घरघोड़ा निवासी अक्षत किशोर मिश्रा ने देश की सेवा सबसे गौरवशाली अध्याय की ओर पहला कदम बढ़ा दिया है। अक्षत की इस उपलब्धि से रायगढ़ का मान देश में बढ़ा है। बचपन से होनहार अक्षत की प्रारम्भिक शिक्षा घरघोड़ा के सेंट एन्स हाई स्कूल में पूरी हुई।
सैनिक स्कूल अम्बिकापुर में प्रवेश परीक्षा के कठोर नियमों की बाधाओं को अक्षत ने हंसते हुए पार किया और प्रवेश परीक्षाम पूरे छत्तीसगढ़ में नौवां स्थान हासिल किया। कक्षा छठवीं से 12 वीं तक की पढ़ाई सैनिक स्कूल अम्बिकापुर में करते हुए होनहार अक्षत में छात्रों का कुशल प्रतिनिधित्व भी किया। देश रक्षा का प्रण तिरंगा थामने की इच्छा शक्ति की साथ अक्षत राष्ट्रीय रक्षा अकादमी एवं नौ सेना अकादमी परीक्षा के शामिल हुआ और इस परीक्षा ना केवल देश में 30वां स्थान हासिल किया बल्कि सर्विस सलेक्शन बोर्ड में पूरे भारत वर्ष में सबसे अधिक अंक हासिल कर छत्तीसगढ़ का नाम गौरांवित किया। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी एवं नौ सेना अकादमी की प्रवेश परिक्षा केवल एक प्रवेश परीक्षा नहीं है बल्कि साहस, अनुशासन और देशसेवा के सपने को हकीकत में बदलने की पहली कसौटी है। देश के लाखों युवा हर साल इस परीक्षा के फॉर्म भरते हैं, लेकिन अक्षत जैसे कुछ विरले ऐसा जज्बा रखते हैं कि लिखित परीक्षा के कठिन प्रश्नों से लेकर एसएसबी के 5 दिनों तक चलने वाले मानसिक, शारीरिक और मनोवैज्ञानिक परीक्षणों का सामना करते हुए अहम स्थान हासिल करते है।
अक्षत किशोर मिश्रा देश के उन चुनिंदा युवाओं में शामिल है जिसने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए सफलता का आसमान हासिल किया।
अक्षत की तैयारी, लगन और संकल्प छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत है जो माता पिता के सपनों को साकार करना चाहते है। देश की रक्षा से जुड़ी सेवाओं में जाने का निर्णय कोई सामान्य व्यक्ति नहीं ले सकता। देश सेवा की इस संकल्प को पूरा करने के लिए जान की हथेली में लेकर चलना होता है और कोई भी मां की ममता ऐसे कठोर निर्णय की अनुमति नहीं देती।


