मनेन्द्रगढ़-चिरिमिरी-भरतपुर
मनेंद्रगढ़, 16 जून। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत प्रदाय किए गए मंगलसूत्र संबंधी वायरल वीडियो का महिला एवं बाल विकास विभाग ने खंडन किया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर प्रसारित एक वीडियो में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को प्रदान की गई उपहार सामग्री, विशेष रूप से मंगलसूत्र, की गुणवत्ता को लेकर भ्रामक एवं तथ्यहीन दावे किए जा रहे हैं। उक्त वीडियो में कुछ महिलाओं द्वारा यह दावा किया गया है कि उन्हें मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत 10 फरवरी 2026 को चनवारीडांड, खडग़वां (जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर) में आयोजित सामूहिक विवाह में प्रदान किया गया मंगलसूत्र ‘गिलेट’ का था तथा इसकी सामग्री के विरुद्ध 15 हजार रुपये भुगतान किए जाने का भी दावा किया गया है।
उल्लेखनीय है कि महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार मंगलसूत्र में चांदी का होना अनिवार्य नहीं है। इसी कारण उपलब्ध वित्तीय सीमा एवं बाजार मूल्य को ध्यान में रखते हुए योजना के अंतर्गत कृत्रिम (आर्टिफिशियल) मंगलसूत्र खरीद कर हितग्राहियों को प्रदान किया गया था। बाद में प्रदायित मंगलसूत्रों की गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित फर्म के भुगतान से प्रति मंगलसूत्र 1,000 रुपये की कटौती की गई तथा यह राशि सीधे संबंधित वधुओं के बैंक खातों में हस्तांतरित कर दी गई।
परिणामस्वरूप प्रत्येक पात्र कन्या को कुल 36,000 रुपये की प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता प्राप्त हुई, जबकि शेष राशि विवाह आयोजन एवं आवश्यक सामग्री पर नियमानुसार व्यय की गई।
अत: यह स्पष्ट किया जाता है कि 10 फरवरी 2026 को आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में किसी प्रकार की वित्तीय अथवा प्रशासनिक अनियमितता नहीं की गई। संपूर्ण आयोजन शासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों, वित्तीय प्रावधानों एवं भंडार क्रय नियमों का पालन करते हुए संपन्न कराया गया।
जनसामान्य से अपील है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक एवं अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें तथा किसी भी सूचना की सत्यता संबंधित विभाग अथवा जिला प्रशासन से प्राप्त करें।


