मनेन्द्रगढ़-चिरिमिरी-भरतपुर
शेष राशि तीन माह में जमा करने दिया शपथ पत्र
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
मनेन्द्रगढ़, 14 जनवरी। जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर अंतर्गत ग्राम हरचोका के रेतघाट से संबंधित रॉयल्टी प्रकरण प्रशासन के संज्ञान में आया है। नोटिस और जांच के बाद सरपंच ने 14 लाख जमा किए, शेष राशि तीन माह में जमा करने शपथ पत्र दिया। प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार रेत उत्खनन के एवज में ग्राम पंचायत खाते में जमा की जाने वाली 20,54,200 रुपये की रॉयल्टी राशि निर्धारित समय पर जमा नहीं की गई थी।
मवई नदी स्थित ग्राम हरचोका, तहसील भरतपुर के खसरा नंबर 336, रकबा 5.00 हेक्टेयर क्षेत्र को वर्ष 2017 के संशोधित आदेश के तहत रेतघाट के रूप में स्वीकृत किया गया था। इस क्षेत्र में छत्तीसगढ़ गौण खनिज रेत उत्खनन एवं व्यवसाय विनियमन निर्देश 2006 के प्रावधानों के अनुसार रेत उत्खनन एवं विक्रय किया जाना था। खनिज शाखा के रिकॉर्ड के अनुसार ग्राम पंचायत हरचोका के तत्कालीन सरपंच एवं सचिव को वर्ष 2019 में सात दिवस के भीतर बकाया रॉयल्टी राशि जमा करने का नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद जिला पुनर्गठन के पश्चात मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के गठन के बाद वर्ष 2025 में कलेक्टर द्वारा पुन: पत्र एवं स्मरण पत्र जारी कर स्पष्टीकरण और भुगतान की स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया।
प्रशासनिक दस्तावेजों के अनुसार मई 2018 से 23 अप्रैल 2019 की अवधि के मासिक पत्रक कार्यालय में उपलब्ध नहीं पाए गए, जिसके बाद संयुक्त जांच समिति का गठन किया गया। समिति द्वारा परीक्षण के उपरांत 20,54,200 रुपये की रॉयल्टी राशि जमा कराने के संबंध में कार्रवाई की अनुशंसा की गई।
जांच प्रक्रिया के बाद ग्राम पंचायत हरचोका के तत्कालीन सरपंच लाल साय द्वारा 14,00,000 रुपये भारतीय स्टेट बैंक, शाखा जनकपुर के माध्यम से जमा कराए गए हैं। शेष 6,54,200 रुपये तीन माह की अवधि में जमा करने के संबंध में शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया है।
प्रकरण से संबंधित कार्रवाई खनिज शाखा, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व भरतपुर एवं संयुक्त जांच समिति के स्तर पर की गई। शेष राशि की जमा प्रक्रिया निर्धारित समयावधि में पूर्ण किए जाने की जानकारी प्रशासनिक रिकॉर्ड में दर्ज की गई है।


