मनेन्द्रगढ़-चिरिमिरी-भरतपुर
सडक़ सुरक्षा माह का जिला स्तरीय समापन
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
मनेन्द्रगढ़ 9 फरवरी। एमसीबी जिले में एक से 31 जनवरी तक आयोजित सडक़ सुरक्षा माह के अंतर्गत यातायात नियमों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने हेतु विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए गए। इसी क्रम में शनिवार को अम्बेडकर भवन, मनेन्द्रगढ़ में जिला स्तरीय सडक़ सुरक्षा माह के समापन अवसर पर एक भव्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन जिला पुलिस मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) द्वारा किया गया, जिसका उद्देश्य सडक़ दुर्घटनाओं में कमी लाने एवं नागरिकों को सुरक्षित यातायात व्यवहार के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री एवं विधायक मनेन्द्रगढ़ श्यामबिहारी जायसवाल रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक एमसीबी रत्ना सिंह ने की। इस अवसर पर 18वीं बटालियन मनेन्द्रगढ़ के कमांडेंट संजय शर्मा विशेष रूप से मंचासीन रहे।
कार्यक्रम में मंच पर नगर निगम चिरमिरी के महापौर रामनरेश राय, नगर पालिका मनेन्द्रगढ़ की अध्यक्ष प्रतिमा यादव, नगर पंचायत खोगापानी की अध्यक्ष ललिता रामा यादव एवं नगर पंचायत लेदरी के अध्यक्ष वीरेंद्र राणा उपस्थित रहे, जिनकी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा और अधिक बढ़ी।
इसके अतिरिक्त अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र नायक, एसडीएम मनेन्द्रगढ़ लिंगराज मंडल, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी ए. टोप्पो, उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती तरसीला टोप्पो, थाना प्रभारी निरीक्षक दीपेश सैनी, पुलिस लाइन रक्षित निरीक्षक हेमंत टोप्पो, थाना प्रभारी झगराखण्ड रामनयन गुप्ता सहित अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। मुख्य अतिथि श्री श्यामबिहारी जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि सडक़ दुर्घटनाएं केवल आंकड़े नहीं होतीं, बल्कि वे अनेक परिवारों के जीवन को गहराई से प्रभावित करती हैं। उन्होंने हेलमेट, सीट बेल्ट, गति सीमा एवं यातायात नियमों के पालन को जीवन रक्षा हेतु अनिवार्य बताते हुए नागरिकों से सतर्क एवं जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की अपील की।
पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह ने बताया कि सडक़ सुरक्षा माह के दौरान जिले के 117 विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर 4,000 से अधिक विद्यार्थियों को यातायात नियमों के प्रति शिक्षित किया गया। इन प्रयासों के सकारात्मक परिणामस्वरूप जिले में सडक़ दुर्घटनाओं में लगभग 50 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई, जो पुलिस-जन सहभागिता का सशक्त प्रमाण है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालयीन बच्चों द्वारा यातायात जागरूकता पर आधारित नृत्य एवं नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए गए। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरण कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में प्रिंट मीडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यक्रम का व्यापक प्रसारण एवं प्रकाशन किया।
कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ किया गया— सुरक्षित सडक़ें तभी संभव हैं, जब प्रत्येक नागरिक सतर्क, अनुशासित एवं जिम्मेदार बने।


