मनेन्द्रगढ़-चिरिमिरी-भरतपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
मनेन्द्रगढ़, 24 दिसम्बर। शासकीय विवेकानन्द स्नातकोत्तर महाविद्यालय मनेन्द्रगढ़ गृह विज्ञान विभाग द्वारा सौर ऊर्जा दिवस पर सौर ऊर्जा के महत्व को रेखांकित करते हुए सोलर कूकर का प्रदर्शन कर छात्राओं को जानकारी प्राचार्य एवं विभागाध्यक्ष गृह विज्ञान डॉ. सरोजबाला श्याग विश्नोई द्वारा दी गई।
डॉ. विश्नोई ने बताया कि भारत एक ऐसा देश है जो सूर्य प्रकाश से समृद्ध है सौर ऊर्जा पूरे वर्ष भर उपलब्ध होती है। इससे हमारी ऊर्जा मांगो को पूरा करने के लिए प्रत्येक गृहणी वैकल्पिक स्रोत के रूप में सोलर कूकर का प्रयोग कर सकती है। सौर ऊर्जा सबसे सस्ती, अक्षय, पर्यावरण के अनुकूल होती है। इसका उपयोग भोजन पकाने, सूखाने, निर्जलीकरण, दाहक, शीतलन और सौर ऊर्जा उत्पादन सहित विभिन्न घरेलू और कृषि आवश्यकताओं के लिए किया जा सकता है। लगभग 10-15 व्यक्तियों के लिए घर से बाहर भोजन पकाने के लिए इस प्रकार से सौर ऊर्जा का प्रयोग किया जा सकता है। इसमें एनोड की गई एल्यूमूनियम सीट एक परावर्तन सामग्री होती है। आपतित सौर विकिरण पर ध्यान केन्द्रित करने के लिए परवलयिक डिस का प्रयोग किया जाता है। उन्होंने बताया कि सोलर कूकर ऐसा उपकरण है जिसका प्रयोग कर के हम प्रकाश की ऊर्जा के माध्यम से खाद्य पदार्थ को पकाना या पाश्चूरिकृत करने के लिए उपयोग में लाते है एवं अन्य प्रकार के ईंधन का बचत करते हैं। उन्होंने बताया कि एक दिन मेें कूकर लगभग 0.6 की किलोवाट की शक्ति प्राप्त कर सकता है जो आधे घण्टे में 2-3 लीटर पानी उबाल सकता है। सहायक प्राध्यापक अनुपा तिग्गा ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं ने भाग लिया।


