मनेन्द्रगढ़-चिरिमिरी-भरतपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
मनेन्द्रगढ़, 21 दिसम्बर। नाबालिग के साथ छेड़छाड़ एवं मारपीट किए जाने के जुर्म में विशेष अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) मनेंद्रगढ़ आनंद प्रकाश दीक्षित की अदालत ने दोषसिद्ध पाए जाने पर आरोपी को 3 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
विशेष लोक अभियोजक जीएस राय ने बताया कि घटना दिवस पीडि़ता कुएं में पानी भरने गई थी। पानी भरकर वापस आ रही थी, तभी आरोपी उसके पास आया और पीडि़ता के सिर पर रखे गंज को गिरा दिया तथा उसका मुंह दबाकर छेड़छाड़ करते हुए रेप करने के उद्देश्य से जबर्दस्ती बाल पकडक़र खींचते हुए बाड़ी की तरफ ले जा रहा था, तभी पीडि़ता द्वारा विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की। पीडि़ता के शोर मचाने पर उसकी मां वहां पहुंची। इसके बाद आरोपी गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी देकर वहां से भाग गया। पीडि़ता की मां की शिकायत पर जनकपुर पुलिस द्वारा आईपीसी की विभिन्न धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया।
न्यायालय ने आरोपी जनकपुर थानांतर्गत ग्राम पतवाही निवासी 27 वर्षीय पोक्खा उर्फ धर्मेंद्र बैगा के दोषसिद्ध पाए जाने पर धारा 354 के अपराध में 2 वर्ष, धारा 323 में 3 माह तथा धारा 8 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के अपराध में 3 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाते हुए सभी धाराओं में अर्थदंड से दंडित किया।


