महासमुन्द
पूर्व संसदीय सचिव ने किया अनेक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 14 जून। पूर्व संसदीय सचिव व पूर्व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने महासमुंद विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया। जहां विटामिन की गोलियों सहित अनेक दवाइयां एक्सपायरी तिथि समाप्ति के करीब मिले।
पूर्व विधायक श्री चंद्राकर ने आरोप लगाते कहा कि भाजपा की साय सरकार द्वारा जानबूझकर ग्रामीण क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ऐसी दवाइयंा भेजी जा रही है, जिसकी एक्सपायरी तिथि महज 15 से 25 दिन ही शेष रहता है। बड़ी मात्रा में इन दवाइयों का वितरण कर ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में खपाने का खेल विभागीय मिलीभगत से चल रहा है।
श्री चंद्राकर ने कहा कि नियर एक्सपायरी दवाओं का वितरण अत्यंत गंभीर मामला है। स्वास्थ्य विभाग और सीजीएमएससी के नियमों के अनुसार एक्सपायरी डेट के करीब पहुंच चुकी दवाओं का वितरण मरीजों को नहीं किया जा सकता। ऐसी दवाएं जिनकी एक्सपायरी डेट समाप्ति तिथि में 3 महीने से कम समय बचा होता है, उसे मरीजों को नहीं बांटा जा सकता। एक्सपायरी के करीब दवाओं का असर कम हो जाता है। तथा कभी-कभी ये जहर भी बन सकती हैं। इसका घातक परिणाम सामने आ सकता है।
कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह से समाप्ति तिथि के करीब पहुंच चुके दवाइयों का वितरण किया जाना बड़े भ्रष्टाचार को इंगित कर रहा है। स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले मरीजों को आवश्यकता से अधिक दवाइयां दी जा रही है, ताकि जल्द से जल्द इन दवाइयों का स्टाक खत्म हो। वहीं कई दवाइयों को एक्सपायरी के बाद भी वितरण किया जा रहा है तथा कइयों को डिस्पोज किया जा रहा है। जिससे शासकीय कोष को करोड़ों का चूना लग रहा है।
श्री चंद्राकर ने बीजेपी की साय सरकार पर जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए दोषी अधिकारियों, एजेंसियों और कंपनियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। बरोंडा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में निरीक्षण के दौरान विटामिन बी 12 की गोलियां समाप्ति तिथि के करीब थे। जबकि इसका स्टाक कुछ दिन पूर्व ही मिलना बताया गया। साथ ही अन्य सीएससी केंद्रों में गर्भवति महिलाओं को दिए जाने वाली गोलियां, दर्द निवारक गोलियां समाप्ति तिथि के करीब पाए गए।
श्री चंद्राकर ने आरोप लगाया कि मरीजों को ऐसी दवाइयां सप्लाई की जा रही हैं, जिनकी एक्सपायरी डेट नजदीक है या समाप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल महासमुंद ब्लॉक के अस्पतालों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे जिले के ग्रामीण अंचल के स्वास्थ्य केंद्रों में यही स्थिति है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही और एजेंसियों से सांठगांठ के कारण जनता की जान जोखिम में डाली जा रही है।


