महासमुन्द

आईटीआई का बोर खराब, टैंकर मंगाने के बजाय हॉस्टल की छुट्टी कर दी
14-Jun-2026 4:12 PM
आईटीआई का बोर खराब, टैंकर मंगाने के बजाय हॉस्टल की छुट्टी कर दी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 14 जून।
महासमुंद जिला मुख्यालय स्थित शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था आईटीआई इन दिनों गंभीर जल संकट झेल रहा है। परिसर में स्थित एकमात्र बोर बीते बुधवार से पूरी तरह खराब होकर बंद पड़ा है। इस भीषण गर्मी में यहां विभिन्न 9 ट्रेडों में पढ़ाई करने वाले करीब 288 विद्यार्थियों को पीने का बूंद भर पानी नसीब नहीं हो रहा है। यहां का वाटर कूलर सूख चुका है। बोर भी कई दिनों से खराब पड़ा है। ऐसी स्थिति के बीच छात्र पीने का पानी तलाश रहे हैं।
आईटीआई प्रबंधन ने अब तक न तो कैंपस में पेयजल संकट को दूर करने के लिए पानी टैंकरों की व्यवस्था की है और न ही जार के पानी का कोई इंतजाम किया गया है। छात्रावास में रहने वाले छात्र-छात्राएं इस चिलचिलाती धूप में प्यास बुझाने के लिए भटक रहे हैं। आईटीआई परिसर में 100 सीटर छात्रावास संचालित है, जहां वर्तमान में करीब 30 छात्र निवासरत हैं। बोर खराब होने से इन हॉस्टल के छात्रों के सामने पानी की भारी किल्लत खड़ी हो गई है।
बच्चों ने नाम न छापने की शर्त पर ‘छत्तीसगढ़’ को बताया है कि छात्रावास में रह रहे बच्चों के पास नहाने-धोने की तो दूर, पीने तक के लिए पानी शेष नहीं बचा है। अपनी प्यास बुझाने के लिए इन छात्रों को आईटीआई परिसर से करीब आधा किलोमीटर दूर नेशनल हाईवे किनारे स्थित श्रीराम चना मुर्रा फैक्ट्री के बोर से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है।

छात्रों ने बताया कि उन्होंने बुधवार को ही हॉस्टल वार्डन को समस्या से अवगत कराकर वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर पानी टैंकर मंगाने की मांग की थी। लेकिन शुक्रवार बीत जाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई और फिर शनिवार के बाद आज रविवार हो चुका लेकिन पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो पाई है।  
इस मामले में आईटीआई प्रबंधन और हॉस्टल वार्डन श्री चंद्राकर ने कहा है कि संस्था प्रबंधन को बोर खराब होने की लिखित जानकारी देकर टैंकर की मांग की गई है। चूंकि बोर से पानी नहीं आ रहा है और बच्चों को भारी परेशानी हो रही थी, इसलिए हमने फिलहाल बच्चों को आज ही हॉस्टल से छुट्टी दी गई है।)
आईटीआई के प्रिंसिपल घनश्याम साहू का दावा है कि बोरवेल की मोटर में खराबी आई है, जिसे सुधरवाने के लिए कारीगरों के पास भिजवा दिया गया है। बहुत जल्द काम पूरा हो जाएगा और बोर से पानी की सप्लाई दोबारा सुचारू रूप से चालू कर दी जाएगी। फिलहाल सभी को बोतल में पानी लाने की सूचना दे दी गई है।
जानकारी मिली है कि गुरुवार को इसी कैंपस को व्यापमं की बीएड प्रवेश परीक्षा का केंद्र बनाया गया था। कैंपस का बोर बंद होने की वजह से परीक्षा देने पहुंचे सैकड़ों परीक्षार्थियों के लिए पानी की व्यवस्था जार (कैम्पर) मंगवाकर की गई थी।


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