महासमुन्द
महासमुंद,11 जून। कलेक्टोरेट सभाकक्ष महासमुंद में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय वनाधिकार समिति की बैठक हुई। इस बैठक में उपखंड स्तरीय समितियों से प्राप्त व्यक्तिगत, सामुदायिक और सामुदायिक वनाधिकार संसाधन से जुड़े विभिन्न दावों और प्रकरणों पर गहन विचार.विमर्श किया गया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वनाधिकार दावों के निपटारे में पूरी पारदर्शिता और नियमों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। बैठक में उपखण्ड स्तरीय समिति पिथौरा और बागबाहरा से प्राप्त व्यक्तिगत वनाधिकार के कुल 54, सामुदायिक वनाधिकार के 5, सामुदायिक वनाधिकार संसाधन के 2 एवं 2 अन्य प्रकरणों की बारीकी से समीक्षा की गई। उपखण्ड स्तरीय समितियों द्वारा जांच के बाद अपात्र पाए गए और अनुशंसित 9 दावों को जिला स्तरीय समिति द्वारा अंतिम रूप से निरस्त करने का बड़ा निर्णय लिया गया।
इस दौरान समिति ने पाया कि अधिकांश प्रकरणों में आवश्यक दस्तावेजों की कमी है। इसे ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन सभी दावों का जमीनी स्तर पर पुन: परीक्षण किया जाए और कमियों को दूर कर आगामी बैठक में प्रस्तुत किया जाए। इन दावों का सूक्ष्मता से परीक्षण कर सहायक आयुक्त आदिवासी विकास एवं सदस्य सचिव जिला वनाधिकार समिति महासमुंद द्वारा इसे समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया था।
इस मौके पर वन मंडलाधिकारी मयंक पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष व सदस्य जिला वनाधिकार समिति मोंगरा किशन पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष भीखम सिंह ठाकुर और निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य जगमोती भोई सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।


