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मनरेगा मजदूरी कम मिलने का आरोप, मूल्यांकन में सुधार की मांग
10-Jun-2026 6:59 PM
मनरेगा मजदूरी कम मिलने का आरोप,  मूल्यांकन में सुधार की मांग

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बागबाहरा, 10 जून। विकासखंड बागबाहरा के अंतर्गत ग्राम पंचायत खोपली में मनरेगा के तहत कार्य करने वाले श्रमिकों को निर्धारित दर से काफी कम मजदूरी मिलने का मामला सामने आया है। कांग्रेस नेता अंकित बागबाहरा ने श्रमिकों की इस समस्या को लेकर ग्राम सचिव और जनपद पंचायत के सीईओ से चर्चा कर तकनीकी मूल्यांकन में सुधार करने की मांग की है।

अंकित बागबाहरा ने खोपली के चमरा तालाब कार्यस्थल का दौरा कर श्रमिकों से मिली जानकारी के आधार पर बताया-चमरा तालाब के गहरीकरण का कार्य 4 मई से प्रारंभ हुआ है। इसमें 25 मई से 31 मई के मध्य लगभग 130 से 135 महिला-पुरुष श्रमिकों ने तालाब के बीच से करीब 4 फीट गहरे हिस्से से गाद (उर्वरक मिट्टी) निकालने का कार्य किया था। इस निकाली गई मिट्टी को स्थानीय किसान ट्रैक्टरों में भरकर अपने खेतों में ले गए।

कार्य सप्ताह के अंत में क्षेत्र में बारिश हो गई, जिससे तालाब के खुदाई वाले हिस्से में पानी भर गया। ग्रामीणों का आरोप है कि जब तकनीकी स्टाफ द्वारा कार्य का मूल्यांकन किया गया, तो पानी भरे होने के कारण वास्तविक खुदाई का सही आकलन नहीं किया गया और बहुत कम का मूल्यांकन दर्ज हुआ।

 कम मूल्यांकन होने की वजह से श्रमिकों को प्रति सप्ताह के आधार पर मात्र 500 से 600 का भुगतान प्राप्त हुआ, जो औसतन 83 से 85 प्रतिदिन की मजदूरी होती है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि ग्राम पंचायत में वर्तमान में कोई स्थाई रोजगार सहायक पदस्थ नहीं है, स्थानीय मेट और सचिव के माध्यम से मस्टर रोल संधारित किया जा रहा है।

 अंकित बागबाहरा ने कहा कि पहले मनरेगा के तहत ग्रामीण स्वयं काम की मांग करते थे और ग्राम सभा की आवश्यकता के अनुसार कार्य तय होते थे, लेकिन वर्तमान केंद्रीय नीतियों के कारण अब गाँव में क्या कार्य होगा, यह ऊपर से तय किया जा रहा है, जो इसकी मूल भावना के विपरीत है।

खोपली के चमरा तालाब गहरीकरण कार्य में लगे 130 से अधिक श्रमिकों को उनका उचित पारिश्रमिक मिलना चाहिए। इस तकनीकी विसंगति को सुधारने के लिए जनपद सीईओ से चर्चा कर प्रयास किए जा रहे हैं।

चमरा तालाब कार्यस्थल पर चर्चा के दौरान ग्राम के उपसरपंच जयंती चंद्राकर, पुराणिक निराला, महेंद्र कुमार साहू, टेकुराम, कृतराम, धनेश कुमार, घनश्याम, विद्याभूषण, तुलाराम, मोहित राम, रूपसिंग, प्रेमिन, पुष्कर, जानकी, पूर्णिमा, मिलापा, दुलारी, ओम्बाई, सुरजा बाई, सुशीला, लक्ष्मी, चमेली, गीता, सरस्वती, रामेश्वरी सहित 100 से अधिक मनरेगा श्रमिक उपस्थित थे।


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