महासमुन्द
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बागबाहरा, 10 जून। आदिवासी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष लोकेश दीवान ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर आदिवासी विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार एक ओर पर्यावरण संरक्षण के नाम पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान चलाकर प्रचार कर रही है, वहीं दूसरी ओर विकास परियोजनाओं के नाम पर लाखों पेड़ों की कटाई करवाई जा रही है। यह सरकार की कथनी और करनी में अंतर को दर्शाता है।
लोकेश दीवान ने जारी विज्ञप्ति में कहा कि आदिवासी समाज का जीवन, संस्कृति और आजीविका जंगलों से जुड़ी हुई है। जंगलों के संरक्षण और संवर्धन की बात करने वाली सरकार यदि बड़े पैमाने पर वन क्षेत्रों को नष्ट करेगी तो इसका सबसे अधिक नुकसान आदिवासी समुदाय को ही उठाना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उद्योगपतियों और बड़े पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए प्राकृतिक संसाधनों का दोहन कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई स्थानों पर खनन, औद्योगिक परियोजनाओं और अन्य निर्माण कार्यों के लिए बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई की जा रही है।
इससे पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है और वन्य जीवों के प्राकृतिक आवास भी प्रभावित हो रहे हैं। सरकार को पर्यावरण संरक्षण के नाम पर केवल प्रचार करने के बजाय धरातल पर ठोस कदम उठाने चाहिए।
जिलाध्यक्ष दीवान ने कहा कि आदिवासी समाज हमेशा से जल, जंगल और जमीन की रक्षा करता आया है। लेकिन वर्तमान सरकार आदिवासियों के अधिकारों और उनकी भावनाओं की अनदेखी कर रही है। उन्होंने मांग की कि वन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की कटाई से पहले स्थानीय ग्राम सभाओं की सहमति सुनिश्चित की जाए तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रभावी नीति बनाई जाए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी आदिवासियों के अधिकारों और पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे पर लगातार आवाज उठाती रहेगी तथा सरकार की जनविरोधी और आदिवासी विरोधी नीतियों का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेगी।


