महासमुन्द
पिथौरा, 17 मई। कांग्रेस नेता अंकित बागबाहरा ने केंद्र सरकार द्वारा चुनाव के बाद डीजल और पेट्रोल की कीमतों में की गई वृद्धि तथा एक साल तक सोना-चांदी नहीं खरीदने और विदेश यात्रा से बचने की अपील पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह कदम गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए कठिनाइयाँ बढ़ाने वाले हैं।
अंकित ने दावा किया कि देश में महंगाई दर 7 से 8 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि धान के समर्थन मूल्य में लगभग 3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि एनसीआरबी की 2024 की रिपोर्ट के अनुसार कृषि क्षेत्र से जुड़े 10,546 लोगों ने आत्महत्या की। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें अब तक लागू नहीं की गई हैं और किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य पूरा नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान धान की कीमत 550 रुपये से बढक़र 1360 रुपये तक पहुंची थी, जबकि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में यह 2440 रुपये तक पहुंची है। उनके अनुसार इस दौरान उर्वरकों और अन्य कृषि लागतों में भी वृद्धि हुई है। अंकित ने आरोप लगाया कि डीजल-पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि का असर किसानों पर पड़ा है।
अंकित ने भाजपा और कांग्रेस की कृषि नीतियों की तुलना करते हुए कहा कि भाजपा सरकार तीन कृषि कानून लेकर आई, उर्वरकों की कीमतों में वृद्धि हुई और कृषि उत्पादों पर जीएसटी लगाया गया। वहीं, उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के दौरान किसानों के कर्ज माफ किए गए और धान खरीदी की दरें बढ़ाई गईं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में किसान लघु और सीमांत श्रेणी के हैं, इसलिए उर्वरकों की उपलब्धता और डीजल की कीमतों में वृद्धि का असर उन पर अधिक पड़ेगा।
अंत में अंकित ने मांग की कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी दर्जा दिया जाए, सरकार दोनों फसलें खरीदे और फसल बीमा के स्थान पर उत्पादन बीमा लागू किया जाए।


