महासमुन्द
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 17 मई। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एमबीबीएस सीटों के वार्षिक नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू करते हुए मेडिकल कॉलेजों को 30 मई तक वार्षिक प्रकटीकरण रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में अंडर ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड ने निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन पोर्टल पर जानकारी अपलोड करने को कहा है।
जानकारी के अनुसार, निर्धारित समय तक रिपोर्ट जमा नहीं होने की स्थिति में सीटों के नवीनीकरण की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसी बीच महासमुंद शासकीय मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी और अन्य स्टाफ की कमी को लेकर चर्चा हो रही है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति भविष्य में प्रवेश प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।
एनएमसी ने निर्देश दिया है कि सभी कॉलेज अपनी जानकारी आयोग के निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर ही जमा करें। जिन संस्थानों ने आधार-सक्षम बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम का पंजीकरण पूरा नहीं किया है, वे पोर्टल पर लॉग-इन नहीं कर पाएंगे। आयोग के अनुसार, एक बार डेटा सबमिट होने के बाद उसमें संशोधन की अनुमति नहीं होगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी शैक्षणिक सत्र में नए बैच के प्रवेश के समय संसाधनों और स्टाफ की कमी चुनौती बन सकती है। कॉलेज में उपकरणों की उपलब्धता और जिला अस्पताल के साथ समन्वय को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
मेकाहारा महासमुंद के प्रोफेसर अलख राम वर्मा ने कहा कि कॉलेज में डॉक्टरों के साथ-साथ सहायक स्टाफ की भी कमी है। उनके अनुसार, 396 स्वीकृत पदों में से 250 से अधिक पद रिक्त हैं। उन्होंने बताया कि लैब अटेंडेंट, लाइब्रेरी सहायक, तकनीशियन और स्वीपर जैसे पदों पर नियमित नियुक्तियां नहीं होने से प्रैक्टिकल कक्षाओं और लाइब्रेरी संचालन पर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कॉलेज में 21 प्रोफेसरों की आवश्यकता है, जबकि केवल 6 प्रोफेसर कार्यरत हैं। इस संबंध में शासन को पत्र भेजा गया है और पदोन्नति तथा स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई गई है।


