महासमुन्द
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 16 मई। सरायपाली थाना अंतर्गत ग्राम चट्टीगिरोला निवासी एक युवक का कर्ज वसूली के लिए ओडिशा के कुछ लोगों द्वारा अपहरण का प्रयास किये जाने का मामला सामने आया है। युवक ने सिंघोड़ा के पास समझदारी व साहस दिखाते हुए किसी तरह पुलिस को इसकी जानकारी दी। जिसके बाद पुलिस ने अपहरणकर्ताओं के चंगुल से युवक को छुड़ाया।
मिली जानकारी के अनुसार ग्राम चट्टीगिरोला निवासी निरंजन दास ने शिकायत दर्ज करायी कि वर्तमान में वह सरायपाली स्थित कार शोरूम के पास किराये के मकान में अपनी पत्नी के साथ रहता है तथा रायपुर मारुति शोरूम में टीम लीडर के पद पर कार्यरत है। उसने करीब छह-सात महीने पहले ओडिशा के ग्राम दवारी निवासी देवार्चन मलिक से साढ़े तीन लाख रुपए उधार लिये थे। जिसमें से 50 हजार रुपए वह वापस कर चुका था। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण शेष रकम नहीं चुका पाने पर आरोपी लगातार फोन पर धमकी देता था।
14 मई की शाम लगभग 6 से 6.30 बजे के बीच देबार्चन मलिक अपने पांच साथियों के साथ उसके घर पहुंचा। आरोपियों ने उसे आवाज देकर बाहर बुलाया और बाहर आते ही कॉलर पकडक़र सडक़ तक घसीट कर ले आये। इसके बाद सभी ने मिलकर उसे जबरन कार क्रमांक ओडी 17 एजी 7735 में बैठाने का प्रयास किया। विरोध करने पर आरोपियों ने गाली गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और उसे जबरदस्ती कार के अंदर बिठा लिया।
शोर सुनकर निरंजन की पत्नी भूमिसुता बाहर आई और पति को बचाने का प्रयास किया। लेकिन आरोपी तेज रफ्तार से वाहन लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर निकल गये। पीडि़त ने बताया कि रास्ते भर आरोपी उसे धमकाते रहे कि आज के बाद तेरा कोई पता नहीं चलेगा। इस तरह जब आरोपी वाहन लेकर सोहेला ओडिशा की ओर जा रहे थे, उसी दौरान थाना सिंघोड़ा के सामने पुलिस की वाहन चेकिंग चल रही थी।
पुलिस ने संदेह होने पर कार को रोका और पूछताछ की। इसी दौरान साहस बटोरकर निरंजन ने पुलिस को जानकारी दी कि उसका अपहरण कर जबरन ले जाया जा रहा है। जानकारी मिलते ही पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर युवक को सुरक्षित छुड़ाया और आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
प्रार्थी की शिकायत पर पुलिस ने देवार्चन मलिक सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 140-3, 296, 3-5 एवं 351-2 के तहत अपराध कायम कर मामले को विवेचना में लिया है।


