महासमुन्द

म्यूल अकाउंट से करोड़ों के लेन-देन, तीन गिरफ्तार
21-Feb-2026 4:33 PM
म्यूल अकाउंट से करोड़ों के लेन-देन, तीन गिरफ्तार

पुलिस ने कहा-म्यूल अकाउंट में 1 करोड़ आए थे

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

महासमुंद, 21 फरवरी। महासमुंद जिले की बसना पुलिस ने बैंकिंग धोखाधड़ी और साइबर फ्रॉड से जुड़े एक संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए थाना बसना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की है। म्यूल अकाउंट के माध्यम से करोड़ों रुपए के संदिग्ध लेन-देन के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों नरेश राणा, कन्हैया लाल साव और विनोद रिजवान को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।

मामले की शुरुआत ग्राम धुमाभांठा निवासी सालिकराम यादव की शिकायत से हुई। प्रार्थी के अनुसार गांव के ही नरेश राणा ने व्यावसायिक कार्य का बहाना बनाकर उसे झांसे में लिया। आरोप है कि व्यवसायिक कार्य का बहाना कर झांसे में लिया।

आरोप है कि नरेश राणा सालिकराम को बसना लाया, जहां उसके नाम से मोबाइल सिम खरीदा और बैंक ऑफ  महाराष्ट्र, बसना शाखा में बैंक खाता खुलवाया गया। खाता खुलने के बाद कन्हैया लाल साव निवासी बंसुला के साथ मिलकर एटीएम कार्ड और पासबुक कुछ दिनों के लिए उपयोग करने की बात कहकर अपने पास रख ली।

समय बीतने के बावजूद दस्तावेज वापस नहीं किए गए। संदेह होने पर जब सालिकराम यादव ने बैंक पहुंचकर जानकारी ली तो खाते में भारी-भरकम लेन-देन का खुलासा हुआ। पुलिस जांच में सामने आया कि उक्त खाते से 1 करोड़ 2 लाख 55 हजार रुपए से अधिक का संदिग्ध ट्रांजैक्शन किया गया।

प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला कि खाते का नियंत्रण बाद में विनोद रिजवानी निवासी तिल्दा को सौंप दिया गया था। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने ग्रामीण के खाते का उपयोग कथित रूप से साइबर फ्रॉड से प्राप्त रकम को खपाने के लिए किया।

शिकायत की गंभीरता को देखते हुए थाना बसना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अपराध दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318-4, 317-4 एवं 61-2 के तहत प्रकरण कायम किया। त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों नरेश राणा, कन्हैया लाल साव और विनोद रिजवानी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। जहां से उन्हें रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

महासमुंद पुलिस ने आमजन से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि ठगी करने वाले गिरोह सीधे-साधे लोगों को लालच या बहाने से झांसे में लेकर उनके बैंक खातों, पासबुक, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड का दुरुपयोग कर रहे हैं। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अपने बैंकिंग दस्तावेज किसी को न सौंपें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस ने संकेत दिया है कि मामले की गहन जांच जारी है और इस नेटवर्क जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।


अन्य पोस्ट