महासमुन्द

फाइलेरिया दवा अभियान: स्कूलों और घरों में दवा वितरण को लेकर उठे सवाल, विभाग ने दी सफाई
21-Feb-2026 4:13 PM
फाइलेरिया दवा अभियान: स्कूलों और घरों में दवा वितरण को लेकर उठे सवाल, विभाग ने दी सफाई

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

महासमुंद, 21 फरवरी। जिले में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए सामूहिक दवा सेवन अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले में 10.42 लाख लोगों को दवा देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिनमें से अब तक 5.85 लाख लोगों द्वारा दवा सेवन किए जाने की जानकारी दी गई है। विभाग का कहना है कि लक्ष्य का लगभग 56 प्रतिशत पूरा हो चुका है और शेष लोगों तक 25 फरवरी तक पहुंचने का प्रयास जारी है।

इसी बीच कुछ स्कूलों और घरों में दवा वितरण को लेकर सवाल उठे हैं। स्थानीय शिशु संस्कार स्कूल के प्राचार्य अवनीश वाणी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम चार दिन पहले स्कूल में दवाएं छोड़ गई थी। उनके अनुसार, स्कूल प्रशासन को दवा वितरण की प्रक्रिया और मात्रा के संबंध में स्पष्ट जानकारी या प्रशिक्षण नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि इस कारण स्कूल में बच्चों को दवा नहीं दी गई है।

प्राचार्य ने यह भी कहा कि उन्हें बताया गया था कि शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उनका कहना है कि बच्चों को दवा देने से पहले स्पष्ट दिशा-निर्देश आवश्यक हैं।

कुछ स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ स्थानों पर दवाएं घरों में छोड़ दी गईं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।

इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने बताया कि अभियान के तहत दवा सुरक्षित है और मितानिनों की निगरानी में दी जा रही है। जिला नोडल अधिकारी डॉ. वी.पी. सिंह ने कहा कि फाइलेरिया की रोकथाम के लिए सामूहिक दवा सेवन आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गर्भवती महिलाओं, गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों और एक वर्ष से कम आयु के बच्चों को दवा नहीं दी जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की शंका या समस्या होने पर संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों से संपर्क करें। मामले में प्रशासन द्वारा आवश्यक समन्वय और निगरानी की प्रक्रिया जारी है।


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