महासमुन्द

अत्याचारी चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, उसका अंत निश्चित है-पं. राजीव लोचन
20-Feb-2026 4:52 PM
अत्याचारी चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, उसका अंत निश्चित है-पं. राजीव लोचन

महासमुंद, 20 फ रवरी। बेमचा के गुलाब बाड़ा में श्रीमद् भागवत कथा में दक्षिण कौशल पीठाधीश्वर स्वामी राजीव लोचन ने कल श्रीराम और श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाया। कथा व्यास ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि अत्याचारी चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, उसका अंत निश्चित है। उन्होंने बताया कि कारागार के कष्टों के बीच भी वासुदेव.देवकी ने धैर्य नहीं खोया। यह प्रसंग सिखाता है कि जब पाप का घड़ा भरता हैए तब स्वयं नारायण अवतरित होते हैं। मनुष्य को विपरीत परिस्थितियों में भी अपने कर्म पथ पर अडिग रहकर ईश्वर पर अटूट विश्वास रखना चाहिए।

       उन्होंने एक अनूठा दृष्टिकोण साझा करते हुए बताया कि रावण और कंस जैसे असुर भी हर क्षण भगवान का ही स्मरण करते थे। भले ही वह भय या शत्रुता के कारण हो। जितनी एकाग्रता से रावण और कंस ने भगवान को याद किया, उतना सौभाग्य बड़े-बड़े ऋषियों को भी प्राप्त नहीं हुआ। प्रभु ने उन्हें शत्रु रूप में ही सही, लेकिन मोक्ष प्रदान कर अपने परमधाम में स्थान दिया।

       कथा के दौरान भगवान के जन्मोत्सव पर नंद घर आनंद भयो भजन पर श्रोता थिरकते रहे। श्री कृष्ण जन्मोत्सव पर विशेष झांकियां सजाई गईं। आयोजन समिति ने बताया कि क्षेत्र की सुख-समृद्धि के लिए आयोजित इस महायज्ञ में बेमचा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भारी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।


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