महासमुन्द

बोर्ड परीक्षाओं में पासिंग माक्र्स तक नकल
21-Feb-2026 4:30 PM
बोर्ड परीक्षाओं में पासिंग माक्र्स तक नकल

उच्चधिकारियों द्वारा अच्छे रिजल्ट का दबाव से करवा रहे नकल

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

पिथौरा, 21 फरवरी।  छत्तीसगढ़ बोर्ड 10वीं-12वीं की परीक्षाएं शुरु हो चुकी हैं। महासमुंद जिले के पिथौरा विकासखंड में इन परीक्षाओं में नकल करवाने की शिकायतें भी मिल रही हैं, जिससे छात्र-छात्राओं का भविष्य दांव पर लग गया है।

      मिली जानकारी के अनुसार विकासखंड में कुल 27 बोर्ड परीक्षा सेंटर बनाये गए हैं, जिनमें  बोर्ड कक्षा 12वीं  एवं 10वीं की परीक्षाएं आयोजित हो रही हैं। ग्रामीणों सूत्रों के अनुसार स्कूलों में ऑब्जेक्टिव प्रश्नों के उत्तर नकल करवाए जाने की जानकारी बच्चे अपने घरों में दे रहे हैं, जिसकी वजह से परीक्षा की निष्पक्षता पर प्रश्न चिन्ह लग गया है।

एक जानकर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बोर्ड परीक्षाओं में विगत वर्ष के खराब परिणाम के कारण उच्च स्तर से काफ़ी डांट और बदनामी झेलनी पड़ी थी। इस बार अच्छे परिणाम का दबाव हैं और स्कूलों में पढ़ाई हुई नहीं हैं क्योंकि विशेषज्ञ व्याख्याताओं की कमी के कारण पढ़ाई हो नहीं पाई, जिससे रिजल्ट का खराब होना तय है, लिहाजा डांट और कारण बताओ नोटिस से बचने के लिए ही नकल जैसे अवैधानिक हथकंडे अपना कर पास करवाने के प्रयास किये जा रहे हैं।

      

सूत्रों के अनुसार ग्रामीणों क्षेत्रों में नकल की पुष्टि बच्चों के रिजल्ट आने के बाद हो जाएगी, क्योंकि जिस विषय में पढ़ाई ही नहीं हुई, उस विषय में नकल से परीक्षा केंद्र के करीब सभी बच्चों ने 25 नंबर के पेपर लगभग एक जैसे बनाये हैं, जो कि जाँचने से इनके नंबर आसपास ही मिलेंगे। क्योंकि 75 में से 25 नंबर थ्योरी एवं 25 नंबर प्रैक्टिकल मिला कर सभी का रिजल्ट 50 फीसदी के आसपास होगा।

हालात देखकर इस वर्ष बोर्ड परीक्षा दे रहे छात्र-छात्राओं के पालक चिंतित दिख रहे हैं कि ऐसी स्थिति में बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं को कैसे निकाल पाएंगे, क्योंकि अभी अधिकांश बच्चे पास के लायक भी नहीं हैं और उन्हें पास करने के प्रयास किये जा रहे हैं।

नकल नहीं हो रही -बीईओ

दूसरी और स्थानीय खंड शिक्षा अधिकारी लक्ष्मी डड़सेना ने बताया कि वे लगातार परीक्षा सेंटर में दौरा कर देख-रेख कर रही हैं। अभी तक उन्हें नकल प्रकरण नहीं  मिला।


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