महासमुन्द

10 साल से बचत बैंक बनाम गुल्लक के जरिए बच्चों को वित्तीय साक्षरता सिखा रहा कुहरी स्कूल
20-Feb-2026 4:03 PM
10 साल से बचत बैंक बनाम गुल्लक के जरिए बच्चों को वित्तीय साक्षरता सिखा रहा कुहरी स्कूल

बच्चा कक्षा पहली में दाखिला लेता है, उसे उसके नाम की एक गुल्लक दी जाती है

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

महासमुंद,20 फ रवरी। महासमुंद ब्लाक के प्राथमिक शाला कुहरी ने शिक्षा के साथ.साथ बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने की एक अनोखी मिसाल पेश की है। यहां पिछले 10 साल से संचालित स्कूल बचत बैंक न केवल बच्चों को वित्तीय साक्षरता सिखा रहा है, बल्कि उनके भविष्य की नींव भी मजबूत कर रहा है। हाल ही में बीआरसीसी जागेश्वर सिन्हा ने स्कूल का निरीक्षण कर इस पहल की जमकर सराहना की।

       जानकारी अनुसार इस बचत बैंक की शुरूआत साल 2016 में प्रधान पाठक सालिक राम सेन और सहायक शिक्षक विनय कुमार यादव ने की थी। यह योजना बेहद सरल और प्रभावी है। जैसे ही बच्चा कक्षा पहली में दाखिला लेता है, उसे उसके नाम की एक गुल्लक दी जाती है। ये सभी गुल्लक स्कूल के रैक में सुरक्षित रखी जाती हैं, जिसमें बच्चे अपनी छोटी.छोटी बचत रोजाना जमा करते हैं।

यह बचत कक्षा पहली से पांचवीं तक निरंतर चलती है। जब बच्चा पांचवीं पास कर स्कूल छोड़ता है, तो मार्कशीट के साथ उसे उसकी जमा पूंजी वाली गुल्लक सौंप दी जाती है। बच्चे इस राशि से छठवीं कक्षा के लिए अपनी कॉपी, किताबें और बैग खरीदते हैं।

बीआरसीसी महासमुंद जागेश्वर सिन्हा ने कहा कि प्राथमिक शाला कुहरी का यह मॉडल अन्य स्कूलों के लिए भी एक प्रेरणा है। यह सिर्फ  पैसा बचाना नहीं, बल्कि बच्चों को धैर्य और अनुशासन सिखाने का जरिया है। पालकों का कहना है कि इस पहल के बड़े फायदे हैं। इससे बच्चों में फिजूलखर्ची रोकने और पैसे बचाने की आदत विकसित हुई है। अपनी बचत से पढ़ाई का सामान खरीदना बच्चों में गजब का आत्मविश्वास भरता है। इस नवाचार की वजह से स्कूल और पालकों के बीच बेहतर समन्वय बना है।


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