महासमुन्द

विवेक ही वह शक्ति है जो हमें सत्य और असत्य को परखने की क्षमता प्रदान करती है-अमोही साहेब
19-Feb-2026 3:31 PM
विवेक ही वह शक्ति है जो हमें सत्य और असत्य को परखने की क्षमता प्रदान करती है-अमोही साहेब

कबीर मंदिर में दो दिनी वार्षिक सत्संग समारोह

महासमुंद,19 फरवरी। महासमुंद के रायपुर रोड स्थित कबीर मंदिर में दो दिवसीय वार्षिक सत्संग समारोह का शुभारंभ बुधवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। प्रथम दिन मध्य प्रदेश के बुरहानपुर कबीर निर्णय मंदिर से पधारे संत अमोही साहेब ने सत्संग प्रेमियों को संबोधित करते हुए जीवन में विवेक और ज्ञान के महत्व को रेखांकित किया।

मुख्य वक्ता संत अमोही साहेब ने कहा कि मानव जीवन की वास्तव में ज्ञान प्राप्त करने की एक पवित्र भूमिका है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जीवन में विवेक की अत्यंत आवश्यकता है। क्योंकि विवेक ही वह शक्ति है जो हमें सत्य और असत्य को परखने की क्षमता प्रदान करती है। संतों के सत्संग से ही वास्तविक ज्ञान की प्राप्ति संभव है। इसलिए हमें निरंतर ऋषि.मुनियों और संतों के विचारों को अपने जीवन का आधार बनाना चाहिए।

 

धमतरी के ढेठा कबीर आश्रम से पधारे संत बलवान साहेब ने सद्गुरु कबीर के दर्शन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कबीर साहेब एक पूर्ण ज्ञानी महापुरुष थे जिन्होंने आजीवन सत्य का प्रचार किया। उनका उद्देश्य समाज में एक आदर्श मनुष्य का निर्माण करना था।एक आदर्श मनुष्य का निर्माण करना था। कहा कि मानव कल्याण के लिए सत्य का ज्ञान होना अनिवार्य है। सत्य के मार्ग में चलने के लिए संत कबीर दास ने लोगां को प्रेरित किया। लोगों को सत्य के रास्ते में चलने और मांसाहार को त्याग शाकाहारी जीवन को अपनाने की संदेश संत कबीर दास ने हमेशा दी है। उन्होंने स्वाद के लिए जीव हत्या नहीं करने और राक्षसी प्रवृत्ति मंदिरा सेवन, नशापान आदि को त्यागने की संदेश दी है।


अन्य पोस्ट