महासमुन्द

कसेकेरा के बड़े तरिया और विज्ञान आश्रम में पक्षियों की गणना
19-Feb-2026 3:26 PM
कसेकेरा के बड़े तरिया और विज्ञान आश्रम में पक्षियों की गणना

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

महासमुंद,19 फरवरी। महान पक्षी विज्ञानी डॉ.सलीम अली की स्मृतियों से रचा-बसा ग्राम कसेकेरा एक बार फि र पक्षी प्रेमियों के कलरव से जीवंत हो उठा है। विश्वव्यापी अभियान ग्रेट बैकयार्ड बर्ड काउंट के तहत 13 से 16 फरवरी तक आयोजित इस कार्यक्रम के अंतिम दिन कसेकेरा के बड़े तरिया और विज्ञान आश्रम में पक्षियों की सघन गणना की गई।

धमतरी-कुरूद के पक्षी विज्ञानी प्रो. एचएन टंडन के नेतृत्व में पक्षियों की पहचान की गई। इस दौरान वैज्ञानिक पद्धति से प्रतिभागियों ने 15-15 मिनट के अंतराल पर पक्षियों के व्यवहार और संख्या का अवलोकन किया। विज्ञान आश्रम के संचालक व सेवानिवृत्त अपर कलेक्टर विश्वास मेश्राम और प्रधान अध्यापक डॉ.विजय शर्मा के नेतृत्व में स्कूली बच्चों और ग्रामीणों ने इस अभियान में बढ़-चढक़र हिस्सा लिया। इस दौरान पक्षियों के आवासीय अनुकूलन और संरक्षण पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया।

इस मौके पर मोहित साहू, हकीमुद्दीन सैफी, मित्तल गाला, एफ ए नंद, उषा मेश्राम, भूमि यादव और हलधर यादव मौजूद थे। बर्ड काउंट के दौरान कसेकेरा के जलाशयों और विज्ञान आश्रम के आसपास विभिन्न प्रजातियों का जमावड़ा देखा गया जिनमें लेसर व्हिसलिंग डक, ब्रोन्ज विंग्ड जकाना, एशियन ओपनबिल, इंडियन सिल्वरबिल, स्पॉटेड डॉव, लिटिल कॉरमोरेंट, इंडियन पौंड हेरोन, एशियन ग्रीन बी ईटर, इंडियन रोलर, ब्लैक ड्रॅगो, प्लेन प्रिनिया, पर्पल सनबर्ड और वायर टेल्ड स्वालो शामिल हैं। ये सभी दुर्लभ प्रजातियों के पक्षी हंै।


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