महासमुन्द
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 8 फरवरी। प्रेस क्लब भवन महासमुंद में वरिष्ठ पत्रकार और प्रेस क्लब के भूतपूर्व अध्यक्ष राजेश शर्मा को श्रद्धासुमन अर्पित किया गया। राजेश शर्मा 82 साल का बीते 6 फरवरी की सुबह एम्स रायपुर में निधन हो गया और उसी दिन मुक्तिधाम महासमुंद में उनका अंतिम संस्कार किया गया। 7 फरवरी को प्रेस क्लब में शोक सभा आयोजित हुई। प्रेस क्लब अध्यक्ष रत्नेश सोनी ने श्री शर्मा से अपने आत्मीय संबंधों का स्मरण किया। कहा कि कुछ नीतिगत मामलों में मतभेद के बावजूद उनका स्वभाव स्नेहिल था। वे रिश्तों को जीवन भर निभाते रहे। वे पत्रकारिता के वटवृक्ष थे। वे विचारों में हमेशा जीवित रहेंगे।
भूतपूर्व अध्यक्ष आनंदराम ने कहा कि कर्मयोगी कलमकार से बिछुडऩा अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि उनकी जीवटता और कर्मठता हम सबके लिए प्रेरणा है। उन्होंने समाज के कमजोर वर्ग के लिए लिखा। उनके दिखाए जनसेवा के मार्ग पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। भूतपूर्व अध्यक्ष बाबूलाल साहू ने भी उनके ेसंघर्ष के दिनों को याद किया। बताया कि कोरियर सेवा से लेकर किराए के एक कमरे में पत्रकारिता की 21 वर्षों की यात्रा अद्भुत है। यह उनकी कलम साधना और समर्पण का प्रमाण है। कोविड काल में भी अखबार निर्बाध निकाला। बीमारी में भी उन्होंने संपादन किया। अस्पताल में भर्ती होने तक वे अखबार निकालते रहे।
पूर्व अध्यक्ष उत्तरा विदानी ने कहा कि राजेश काका ने उन्हें सबसे बड़ी बेटी जैसा स्नेह दिया। उनके जाने से पिता का साया उठने का अहसास हो रहा है। वे पढऩे के शौकीन थे। उनकी एक पुस्तक उन्होंने धरोहर के रूप में सहेज कर रखी है।
प्रेस क्लब के भूतपूर्व अध्यक्ष व संरक्षक सदस्य रामकुमार तिवारी ने कहा कि 26 वर्षों का साथ अविस्मरणीय है। मैंने एक सच्चा मित्र खो दिया है। मन कहता है कि वे आज भी हमारे आसपास हैं।
वरिष्ठ पत्रकार के पी साहू ने कहा कि उनका मार्गदर्शन अमूल्य था। हर खबर पर उनकी पैनी नजर काबिले तारीफ थी।
किसी को विश्वास नहीं हो रहा कि वे इस बार मौत से जंग हार गए। पत्रकार विक्रम साहू, राकेश झाबक, विजय चौहान, अनिल चौधरी, संजय यादव, प्रज्ञा चौहान सहित अनेक पत्रकारों ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी। युवा पत्रकार अमित हिषीकर ने भावपूर्ण गीत प्रस्तुत किया। इस तरह शब्दांजलि, स्वरांजलि और दो मिनट के मौन के साथ शोक सभा संपन्न हुई।


