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धान खरीदी बंद, शासन के आदेश की प्रतीक्षा में घंटों बैठे रहे किसान, मायूस लौटे
31-Jan-2026 7:04 PM
धान खरीदी बंद, शासन के आदेश की प्रतीक्षा में घंटों बैठे रहे किसान, मायूस लौटे

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

पिथौरा, 31 जनवरी। स्थानीय प्राथमिक कृषि सहकारी समिति में शुक्रवार को अंतिम दिन की धान खरीदी के बाद खरीदी प्रक्रिया बंद कर दी गई। शनिवार सुबह से किसान खरीदी केंद्र में शासन के किसी नए आदेश की प्रतीक्षा में बैठे रहे, लेकिन दोपहर तक कोई निर्देश नहीं मिलने पर किसान वापस लौट गए।

किसानों के अनुसार पिथौरा खरीदी केंद्र में लगभग 123 किसानों का करीब 7500 क्विंटल धान अब तक नहीं खरीदा गया है। धान बिक्री न होने से किसानों के सामने ऋण अदायगी को लेकर समस्या उत्पन्न हो गई है।

किसानों ने बताया कि इस वर्ष समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान प्रारंभ से ही प्रतिदिन की खरीदी सीमा निर्धारित की गई थी। बीच में दो बार सीमा में वृद्धि की गई, लेकिन इसके बावजूद कई किसान निर्धारित समय में धान नहीं बेच पाए।

शनिवार को सहकारी समिति में टोकन के लिए पहुंचे किसानों में गोपालपुर निवासी मनहरण यादव का 55 क्विंटल, लक्ष्मीपुर निवासी सेतराम पटेल का 72 क्विंटल, सूरज यादव का 66 क्विंटल, शाहीन बाई का 105 क्विंटल, लछीराम का 66 क्विंटल और लक्ष्मीपुर के ही सोहन पटेल का 65 क्विंटल धान टोकन के अभाव में नहीं बिक सका। किसानों का कहना है कि इस तरह कई अन्य किसान भी प्रभावित हुए हैं।

किसानों ने बताया कि धान बिक्री के लिए आवेदन करने के बाद पटवारी एवं राजस्व अमले द्वारा भौतिक सत्यापन भी किया गया, इसके बावजूद निर्धारित समयावधि में खरीदी बंद कर दी गई।

किसानों का कहना है कि उनके ऊपर किसान क्रेडिट कार्ड सहित अन्य ऋण हैं और धान बिक्री न होने से ऋण चुकाने में कठिनाई हो रही है।

कुछ किसानों ने यह भी बताया कि पहले उन्हें सहकारी समिति के बाहर धान बेचने की अनुमति नहीं दी गई थी। दिसंबर माह में जब टोकन नहीं कटे थे, तब वे खुले बाजार में धान बेचना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं कर पाए। अब खरीदी बंद होने के बाद व्यापारियों द्वारा धान का मूल्य कम बताया जा रहा है।

इस बीच, राजाड़ेरा प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति से जुड़े किसानों ने सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि वे धान बिक्री से वंचित रहने के विरोध में 2 फरवरी सोमवार को ट्रैक्टरों में धान लोड कर तहसील कार्यालय पहुंचने और धरना-प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि जब तक धान की खरीदी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।


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