महासमुन्द
ग्रामीण अंचल में चोर मोटरपंप को बना रहे हैं निशाना
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सरायपाली, 15 फरवरी। विगत कुछ दिनों से रिमजी क्षेत्र में चोरी की घटनाएँ लगातार बढ़ रही है। सप्ताह भर के भीतर ही अज्ञात चोरों ने दो पंप, एक स्टार्टर सहित एक मोटरसायकल को भी पार कर दिया है। किसानों के द्वारा इसकी शिकायत थाना में की गई है, लेकिन अब तक न तो एफआईआर दर्ज हुआ है और न ही पुलिस चोरों तक पहुँच पायी है।
मिली जानकारी अनुसार दीवानपाली के लात नाला में मोटरपंप लगाकर रिमजी के किसान रबी फसल की खेती कर रहे हैं। प्रतिदिन कई किसानों का नाला में आवाजाही होने के अलावा फसल की देखरेख के लिए किसान अधिकांश समय खेतों में ही रहते हैं। बावजूद 6 फरवरी की रात ग्राम रिमजी के चौतराम पटेल पिता उदेनाथ का 5,4 का सबमर्सिबल पंप, वेदप्रकाश पटेल पिता ननकुराम का 5 एचपी का मोटरपंप एवं मनीराम पटेल के स्टार्टर को किसी अज्ञात चोर ने एक ही रात में पार कर दिया।
जब किसान धान देखने सुबह खेत पहुँचे तो खेत में पानी नहीं आ रहा था। नाला जाकर देखे तो उन्हें मोटर ही गायब होने जानकारी हुई। किसानों द्वारा 7 फरवरी को उक्त चोरी की सूचना थाना में दी गई है। जबकि हाल ही में चारभांठा के एक पल्सर मोटर सायकल की भी चोरी होने की सूचना मिली है। मोटर चोरी के पश्चात सिंचाई के लिए उपयोग कर रहे अन्य किसानों में भी दहशत का माहौल है और अब मोटरपंप के लिए किसान रतजगा कर रहे हैं। रिमजी के अलावा आसपास के कई गाँवों में अस्थायी विद्युत कनेक्शन लेकर किसानों द्वारा नाला के पानी से रबी की फसल ली जा रही है। चोरी के बाद अन्य गाँव के किसान भी सतर्क हो गए हैं और नाला में लगे पंप की निगरानी भी शुरू कर दिये हैं।
अज्ञात चोरों पर किसी तरह की कार्यवाही न होने पर उनके भी हौसले बुलंद हो गए हैं और उनके द्वारा लगातार अलग-अलग गाँवों में चोरी के वारदात को अंजाम दिया जा रहा है। इसी तरह सरायपाली में भी मोटरसायकल की चोरी का मामला सामने आया था, लेकिन एक मोटरसायकल को पकडऩे जब पुलिस ने चोर की तलाश की तो 5 अन्य मोटरसायकल भी उक्त चोर से बरामद किया गया है।
इस संबंध में सिंघोड़ा थाना प्रभारी चंद्रकांत साहू ने कहा कि चोरी की सूचना मिली थी, लेकिन मोटरपंप का बिल न देने के कारण एफआईआर दर्ज नहीं हो पाया है। किसानों से बिल मंगवाया गया था, लेकिन वे दुबारा थाना आये ही नहीं। वहीं मोटर सायकल चोरी के मामले में कहा कि जब वाहन मालिक रिपोर्ट दर्ज कराने आये थे, उस समय वे किसी काम से बाहर थे। वाहन मालिक द्वारा केवल थाना प्रभारी को ही जानकारी देने की बात कहते हुए अन्य स्टॉफ को उसकी जानकारी नहीं दी गई। जबकि अन्य स्टॉफ को भी उनके द्वारा चोरी के एफआईआर दर्ज करने के लिए निर्देशित किया गया था।


