महासमुन्द
ड्रग लाइसेंस के बिना दवाओं का किया भंडारण
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सरायपाली, 15 फरवरी। अनुविभाग सरायपाली अंर्तगत आने वाले अनेक ग्रामों में झोलाछाप डॉक्टरों के क्लीनिक संचालित हैं। बिना डिग्रीधारी लाइसेंस वाले झोलाछाप डॉक्टर बकायदा मरीजों के हर रोग का इलाज कर रहे हैं।
इस मामले की शिकायतें अनेक बार सामने आती हैं। ऐसे झोलाछाप डॉक्टर किसी प्रकार की डिग्री, लाइसेंस खुद को डॉक्टर कहने वाले उल्टी-दस्त, खांसी, बुखार का इलाज करते हैं। इस दौरान यदि किसी मरीज की हालत बिगडऩे पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरायपाली व जिला अस्पताल भेज देते हैं। लगातार शिकायें मिलने के बाद सरायपाली बीएमओ नारायण साहू एवं टीम के द्वारा ग्राम जलगढ़ के राजू बारिक के निवास पर छापामार कार्यवाही की गई, जहां कई मरीजों का ईलाज करते पाया गया।
सरायपाली बीएमओ नारायण साहू ने बताया राजू बारिक के क्लीनिक पर अवैध दवाईयां पाई गईं। जिसे जब्ती की कार्रवाई की गई है। इसकी सूचना सरायपाली अनुविभागीय अधिकारी नम्रता जैन एवं सरायपाली थाना प्रभारी आशीष वासनिक को दे दी गई है। सरायपाली समेत अन्य ग्रामों में स्वास्थ केंद्र, उपस्वास्थ्य केंद्र मौजूद हैं, लेकिन झोलाछाप घर पहुंच सुविधाएं देकर मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे है।
सिंघोड़ा, कलेण्डा, बलौदा, तोषगांव, बड़े साजापाली, भंवरपुर, केदुवां समेत अन्य क्षेत्रों में ऐसे झोलाछाप डॉक्टर ग्रामीणों का इलाज कर रहे है। झोलाछाप चिकित्सक बिना पंजीयन के एलोपैथी इलाज के साथ बिना ड्रग लाइसेंस के दवाओं का भंडारण व विक्रय कर रहे हैं। कार्टून में दवाओं का अवैध तरीके से भंडारण किया गया कार्रवाई नहीं कर रहा है। बिना किसी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अवैध रूप से चिकित्सा व्यवसाय कर रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। झोलाछाप डॉक्टरों की दुकानें मरीजों से भरी पड़ी हैं। क्षेत्र में बुखार, सर्दी खांसी समेत बीमारियां पनप रही हैं।
झोलाछाप डॉक्टर मरीजों का इलाज ग्लूकोज की बोतलें और इंजेक्शन लगाने से शुरू करते हैं।


