महासमुन्द
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 30 जनवरी। प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल के खनिजों के अवैध खनन और परिवहन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश के बाद जिले के अफसर अचानक जाग गए हैं। पिछले कई सालों से मूक दर्शक बनकर बैठी खनिज विभाग की टीम अब सक्रिय हो गई है। कल शनिवार को रेत का अवैध परिवहन करने के मामले में कार्रवाई की गई। हालांकि ये कार्रवाई कलेक्टर द्वारा गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स और जांच दल ने की है। टीम ने विभिन्न क्षेत्रों से अवैध खनिज परिवहन के मामले में 6 गाडिय़ों को अपने कब्जे में लिया है और कार्रवाई कर रही है।
इस संबंध में कल शनिवार को ही कलेक्टर ने संयुक्त जांच दल का गठन किया है। गठन के बाद ही टीम ने 4 वाहनों को अवैध खनिज परिवहन के मामले में पकड़ा और पुलिस ने बाद में दो और वाहनों को बिना रायल्टी के खनिज परिवहन करने के मामले में पकड़ा।
जांच दल ने शनिवार को वाहन मालिक रमेश साहू वाहन क्रंण् सीजी 04 एनई 7109, वाहन मालिक जितेंद्र कोसले वाहन क्रमांक महेंद्रा सोल्ड, खोमन ध्रुव वाहन क्रमांक सीजी 06 एम 0632 और रूढ़ीराम वाहन क्रंमांक एमएच 40बीएच7686को खनिज रेत और फर्शी पत्थर को बिना रॉयल्टी के परिवहन करते पकडक़र पुलिस की अभिरक्षा में रखा। आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष भूपेन्द्र चंद्राकर ने अवैध रेत खनन के मामले में कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि महासमुंद जिला सहित पूरे प्रदेश में कांग्रेस नेता ही रेत के अवैध उत्खनन में लिप्त हैं।


