महासमुन्द

कलेक्टर ने हाट बाजार क्लिनिक देखा, सुविधाओं पर असंतोष जताया
14-Aug-2021 4:40 PM
कलेक्टर ने हाट बाजार क्लिनिक देखा, सुविधाओं पर असंतोष जताया

कहा-मरीजों की सेहत की जांच एवं उपचार हेतु अलग व्यवस्था करें

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता 
महासमुंद,14 अगस्त।
महासमुंद कलेक्टर डोमन सिंह कल शुक्रवार को बागबाहरा विकासखंड के ग्राम चुरकी साप्ताहिक हाट बाजार में लगाए गए मुख्यमंत्री हाट.बाजार क्लिनिक शिविर पहुंचे। उनके साथ मुख्य कार्यपालन अधिकारी राकेश छिकारा, एसडीएम बागबाहरा राकेश गोलछा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. एन के मंडपे और डीपीएम रोहित सहित सीईओ जनपद, बीएमओ, बीपीएम वहां मौजूद थे।

कलेक्टर श्री सिंह ने मुख्यमंत्री हाट.बाजार क्लिनिक का निरीक्षण किया। हाट.बाजार क्लिनिक की अव्यवस्था पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हाट.बाजार क्लिनिक नाम, गरिमा के अनुरूप होनी चाहिए। ताकि उपचार या स्वास्थ्य परीक्षण कराने आने वाले मरीजों को अच्छा वातावरण मिले। स्वास्थ्य जांच हेतु अलग व्यवस्था हो, मरीजों और उनके साथ आने वाले लोगों के लिए पेयजल की व्यवस्था होनी चाहिए। इसके अलावा मौसमी बीमारी की सभी जरूरी दवाईयां उपलब्ध होनी चाहिए। 

उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को कहा कि आगे से छोटी-छोटी जरूरतों की सभी सुविधाएं मुख्यमंत्री हाट.बाजार क्लिनिक शिविर हों यह सुनिश्चहित किया जाए। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि वह अगली बार फिर किसी हाट बाजार क्लिनिक शिविर का निरीक्षण करेंगे। किसी प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाओं में कमी होने पर कार्रवाई की जाएगी।

जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मंडपे ने बताया कि इस शिविर में अभी तक 50 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गयी है। इसके साथ 5 गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच किया गया। कुछ मौसमी बीमारी वाले मरीजों को स्वास्थ्य परीक्षण उपरांत जरूरी दवाइयां दी गयी है। 

कलेक्टर डोमन सिंह ने कहा कि योजना में मरीजों को प्राथमिक चिकित्सा स्वास्थ्य व्यवस्था उपलब्ध करायें। इसके तहत चिकित्सक दल हाट बाजार स्थल पर ही निश्चित स्थल पर स्वास्थ्य शिविर लगाकर ग्रामीणों का मौसमी बुखार,दर्द, मलेरिया, पेचिस, दस्त, उल्टी, रक्त अल्पता, कमजोरी, ब्लड प्रेशर, मधुमेह आदि बीमारियों के साथ कोरोना की भी जांच करते रहें। डॉक्टरी परामर्श के साथ ही टीबी एवं कैंसर के संभावित मरीजों का स्क्रीनिंग भी करते रहें। छोटे बच्चों का टीकाकरण कार्य भी किया जाये तथा 5 वर्ष से कम बच्चों एवं 15 से 49 वर्ष की महिलाओं की खून जांच कर आयरन की गोलियां मुफ्त बांटे।
 


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