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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 5 मार्च। कोरोना शुल्क के दुरूपयोग की शिकायत को लेकर भाजपा विधायक शुक्रवार को महालेखाकार से मिलने पहुंचे। उन्होंने इस पूरे मामले पर कार्रवाई का आग्रह किया।
विधानसभा की कार्रवाई छोडक़र नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक की अगुवाई में भाजपा विधायकों ने महालेखाकार से मुलाकात की। उन्होंने शराब पर अधिरोपित अतिरिक्त शुल्क की जानकारी दी, और सरकार पर दुरूपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने लिखित ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें बताया गया कि सरकार अंतर्गत 2 मई 2020 और 15 मई 2020 से ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना महामारी के फैलाव के विरूद्ध अधोसंरचना के उन्नयन और कोरोना महामारी को दृष्टिगत रखते हुए जरूरी राशि की प्रतिपूर्ति के लिए देशी-विदेशी शराब के फुटकर बिक्री दर पर प्रति नग 10 रूपये व 10 प्रतिशत की दर से विशेष कोरोना शुल्क अधिरोपित किया गया है।
उन्होंने बताया कि 3 मार्च 2021 की स्थिति में कुल राशि लगभग 364.75 करोड़ रूपये वसूल की गई। इसके साथ-साथ 1 अप्रैल 2020 से गौठान के विकास तथा रखरखाव के लिए राशि की जरूरत की प्रतिपूर्ति के लिए देशी-विदेशी मंदिरा के फुटकर विक्रय दर पर प्रति नग 5 रूपये की दर से अतिरिक्त आबकारी शुक्ल अधिरोपित करते हुए लगभग 156 करोड़ रूपए वसूल की जा चुकी है। 31 जनवरी 2021 तक स्वास्थ्य विभाग को कोरोना के लिए कोई भी राशि प्रदान नहीं की गई है।
इसकी बिक्री के लिए मुख्यमंत्री के अध्यक्षता में नई औद्योगिक उन्नयन विकास विभाग के लिए द्वितीय अनुपूरक में 2 सौ करोड़ रूपये की राशि रखी गई है। इसी प्रकार पंचायत, कृषि विभाग को एक भी राशि नहीं दी गई है बल्कि उस राशि का उपयोग गोधन न्याय योजना पर व्यय की जा रही है, जो सेस राशि का दुरूपयोग है। उन्होंने महालेखाकार से आग्रह किया कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कर रहे सेस की राशि का दुरूपयोग पर कड़ी कार्रवाई की जाए।


