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इमरान बोले, पहले भारत से लौटते थे तो लगता था ग़रीब से अमीर मुल्क आ गए
05-Mar-2021 1:28 PM
इमरान बोले, पहले भारत से लौटते थे तो लगता था ग़रीब से अमीर मुल्क आ गए

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने गुरुवार को जब अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर हमला बोला, तो एक जगह उन्होंने भारत से पाकिस्तान की तुलना की.

सोशल मीडिया पर सुबह से ही इसकी चर्चा हो रही है.

इमरान ख़ान ने कहा, “पाकिस्तान और भारत के दरमियान मैं आपको फ़र्क बताऊं... जब क्रिकेट खेलकर मैं हिन्दुस्तान से पाकिस्तान आता था, तो लगता था कि ग़रीब-तरीन मुल्क़ से अमीर-तरीन मुल्क़ में आ गया हूँ.”

इमरान खान ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए एक लाइव टीवी कार्यक्रम में ये बात कही.

अपने संबोधन में, इस बात से पहले वे बता रहे थे कि पिछले चार दशकों में कैसे पाकिस्तान के आर्थिल हालत बिगड़े हैं.

उन्होंने कहा, “इमरान ख़ान वो राजनेता है, जिसके पास राजनीति में आने से पहले ही सब कुछ था. मैं शायद वो आदमी हूँ, जिसके पास राजनीति में आने से पहले ही मुल्क़ में सबसे ज़्यादा शोहरत थी. मेरे पास जितने पैसे थे, वो मेरी ज़िंदगी के लिए बहुत थे. तो सवाल है कि मैं राजनीति में आया क्यों? ये मैं पाकिस्तान के नौजवानों को बताना चाहता हूँ.”

“मेरे माता-पिता ग़ुलाम हिन्दुस्तान में पैदा हुए थे. पर मैं उस पहली पीढ़ी से हूँ जो एक आज़ाद मुल्क़ में पैदा हुई और हमें अपने मुल्क़ पर बड़ा गर्व था. आज से 50-55 साल पहले दुनिया में पाकिस्तान की मिसाल दी जाती थी. पाकिस्तान का दुनिया के अंदर रुतबा था. जब हमारे राष्ट्रपति बाहर गये, तो अमेरिकी राष्ट्रपति उनसे मिलने आये. हम ऊपर जा रहे थे. लेकिन आहिस्ता-आहिस्ता मैंने अपने मुल्क़ को नीचे आते देखा.”

“1985 के बाद इस देश में तबाही मची. देश में भ्रष्टाचार बढ़ना शुरू हुआ. जब राजनीति के अंदर पैसा चलना शुरू हुआ, वो साल 1985 था. तब हम देख रहे थे कि लोग फ़ैक्ट्रियाँ लगाने के लिए, व्यापार करने के लिए राजनीति में आना शुरू हुए. पीएम बन रहे थे, फ़ैक्ट्रियाँ लगा रहे थे और उनके वज़ीर भी पैसा बना रहे थे, और तभी से हमारा मुल्क़ नीचे जाना शुरू हुआ.”

इसके बाद इमरान ख़ान ने भारत से पाकिस्तान की तुलना की. उन्होंने कहा कि “मैं राजनीति में इस मक़सद से आया कि पाकिस्तान में कमज़ोर और ताक़तवर, दोनों को इंसाफ़ मिले और क़ानून दोनों को एक नज़र से देखे.”

क़रीब आधे घंटे के अपने संबोधन में इमरान ख़ान ने विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला. उन्होंने उनकी नीयत पर सवाल उठाये. उन्होंने बताया कि एफ़एटीएफ़ की ग्रे लिस्ट से पाकिस्तान का बाहर आना क्यों ज़रूरी है.

उन्होंने कहा कि सीनेट की सबसे चर्चित इस्लामाबाद सीट हारने के बाद उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा है, ताकि वो पद छोड़ दें. लेकिन इमरान ख़ान ने इससे साफ़ इनकार किया.

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के सदस्यों को करोड़ों रुपये की रिश्वत पेश की गई. साथ ही उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी के कुछ लोगों ने ख़ुद को बेच भी दिया.

उन्होंने कहा कि ‘कुछ रुपयों की चोरी करने वाले पाकिस्तान की जेलों में बंद हैं, जबकि प्रधानमंत्री के पद पर रह चुका आदमी अकेले ही अरबों रुपये की चोरी कर लेता है जिसकी क़ीमत जनता को चुकानी पड़ती है.’

पाकिस्तान के कुछ राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, ‘प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने इस संबोधन के ज़रिये लोगों की सहानुभूति बटोरने की पूरी कोशिश की, क्योंकि विपक्ष से उन पर इस्तीफ़ा देने का दबाव लगातार बढ़ा है, लेकिन उनकी ये कोशिश कितना काम आयेगी, यह वक़्त बतायेगा.’ (bbc.com)


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