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सरकार हर मोर्चे पर खरी उतरी-राज्यपाल
22-Feb-2021 1:17 PM
सरकार हर मोर्चे पर खरी उतरी-राज्यपाल

विधानसभा का बजट सत्र शुरू

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 22 फरवरी।
विधानसभा का बजट सत्र सोमवार से शुरू हुआ। इस मौके पर राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने अपने अभिभाषण में सरकार की उपलब्धियां गिनाई, और कहा कि सरकार सभी मोर्चों पर खरी उतरी है। उन्होंने प्रदेश कोरोना काल में भी अनेक क्षेत्रों में नई उपलब्धियां हासिल कर सका है।

राज्यपाल ने कहा कि कोरोना महामारी ने विगत वर्ष अकस्मात ही पूरी दुनिया को अनिश्चितता के अंधेरे में धकेल दिया था। मानवता के सामने आए इस ऐतिहासिक संकट से निपटने में आप सबने सरकार को जो सहयोग दिया, प्रदेश की जनता को राहत दिलाने में जो जमीनी मदद की, उसके लिए सभी को साधूवाद देती हूं। कोरोना संकट के अंधेरे काल और जंजाल से बाहर निकलने की उम्मीद के साथ, नए साल की शुरुआत हुई।

उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश को इस कठिन दौर से निकालने के लिए सूझबूझ के साथ काम किया, जिससे 67 लाख से अधिक राशन कार्डधारी परिवारों को उनकी पात्रता अनुसार खाद्यान्न, शक्कर, नमक, केरोसीन, बस्तर संभाग में गुड़, कोण्डागांव जिले में फ ोर्टिफ ाइड राइस वितरण सुरक्षा उपायों के साथ संभव हो पाया। 57 लाख अंत्योदय, प्राथमिकता, अन्नपूर्णा, एकल निराश्रित तथा नि:शक्तजन कार्डधारियों को 8 माह तक पात्रता अनुसार चावल तथा चना भी नि:शुल्क दिया गया। प्रवासी श्रमिकों तथा अन्य लोगों की सुरक्षित घर वापसी हुई। 

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के रूप में जो अलख जगाई थी, उसकी लौ कोरोना काल में भी जलती रहे, इसके लिए 3 लाख 62 हजार से अधिक हितग्राहियों के साथ ही 51 हजार से अधिक आंगनवाड़ी केन्द्रों के 24 लाख से अधिक हितग्राहियों को घर-घर जाकर रेडी-टू-ईट पोषण सामग्री दी गई। मध्याह्न भोजन योजना के 29 लाख से अधिक हितग्राही स्कूली बच्चों को भी रेडी-टू-ईट सूखा राशन सुरक्षित रूप से घर पहुंचाकर दिया गया। सरकार की प्रतिबद्धता से एक वर्ष में 99 हजार बच्चों को कुपोषण से तथा 20 हजार महिलाओं को एनीमिया से मुक्ति मिली है।

राज्यपाल ने कहा कि सरकार ने एक बार फि र किसानों से किया गया वादा निभाया है। इस प्रकार नई व्यवस्था और नए संकल्प से छत्तीसगढ़ 95.40 प्रतिशत किसानों का धान खरीदने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। धान खरीदी के हर पहलू पर एक नया कीर्तिमान बना है जैसे कुल पंजीकृत रकबा, कुल धान खरीदी का रकबा, कुल उपार्जित धान की मात्रा 92 लाख मीट्रिक टन को पार करना किसी चमत्कार से कम नहीं है। 

उन्होंने कहा कि किसानों के हित में जो नए-नए कदम उठाए हैं, उसके कारण इस वर्ष ब्याज मुक्त कृषि ऋ ण के रूप में 4 हजार 755 करोड़ रुपए की राशि वितरण का नया कीर्तिमान बना है। सरकार ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत धान, गन्ना, मक्का सहित 14 फ सलें लेने वाले किसानों को सीधी आर्थिक मदद देने का बीड़ा उठाया है। प्रथम वर्ष में तीन किस्तों में 45 सौ करोड़ रुपए की राशि किसानों के खाते में डाल दी गई है, वहीं शेष लगभग 12 सौ करोड़ रुपए की अंतिम किस्त का भुगतान भी इसी वित्तीय वर्ष में कर दिया जाएगा।

राज्यपाल ने कहा कि सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जाने वाली लघु वनोपजों की संख्या 7 से बढ़ाकर 52 कर दी है। इस कठिन दौर में भी देश की कुल लघु वनोपज खरीदी का 72.5 प्रतिशत हिस्सा खरीदकर छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर रहा। पंचायत और ग्रामीण विकास की योजनाओं को तात्कालिक जरूरतों से जोड़ते हुए अनेक नवाचार किए, जिसके कारण भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ को 11 विशिष्ट पुरस्कारों से नवाजा है।

उन्होंने कहा कि प्रशासन की सेवाएं जनता के ज्यादा करीब ले जाने के लिए बड़ी प्रशासनिक इकाइयों का पुनर्गठन किया है, जिसके तहत एक नया जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, दो अनुभागों तखतपुर, बड़े बचेली तथा 24 नई तहसीलों का गठन किया है। संभागीय मुख्यालय की तहसीलों को मॉडल तहसील के रूप में विकसित किया जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे नवाचारों पर बल दिया जिससे संकट काल में भी बच्चों का नाता पढ़ाई से जुड़ा रहा, साथ ही उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए निरंतरता बनाए रखने में कोई कठिनाई नहीं आई। ‘पढ़ाई तुंहर दुआर’, ‘पढ़ाई तुंहर पारा’ कार्यक्रमों के तहत ऑनलाइन कक्षा, मोहल्ला कक्षा, लाउडस्पीकर स्कूल, बूलटू के बोल आदि तरीकों से 25 लाख बच्चों को लाभ मिला जिसकी तारीफ नीति आयोग से लेकर प्रधानमंत्री तक ने की है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के लिए विशेष प्रयास किए हैं, जिसके तहत कांकेर, महासमुन्द तथा कोरबा जिलों में नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों की स्थापना होगी, जिसमें 100-100 सीटें होंगी। दुर्ग जिले में संचालित चंदूलाल चन्द्राकर स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के राज्य सरकार द्वारा अधिग्रहण का निर्णय भी लिया गया है। दिव्यांगजनों के प्रति विशेष संवेदनशीलता का परिचय देते हुए  सरकार ने ‘दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2019’ लागू करने के साथ ही शासकीय सेवा में इनका आरक्षण 6 से बढ़ाकर 7 प्रतिशत किया है। ‘नि:शक्तजन वित्त एवं विकास निगम’ द्वारा विशेष सब्सिडी, ‘नि:शक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना’ जैसी पहल की व्यापक सराहना हुई है।

राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा के अलावा खेलकूद, ललित कलाओं तथा विभिन्न सांस्कृतिक विधाओं से भी रोजगार के रास्ते खुलें इसके लिए सरकार ने राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रशिक्षण सुविधाएं जुटाने का अभियान छेड़ा है, जिसके तहत बिलासपुर में एथलेटिक्स, हॉकी तथा तीरंदाजी का एक्सीलेंस सेंटर तथा रायपुर में टेनिस स्टेडियम तथा अकादमी का निर्माण किया जा रहा है। ‘छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद’ से युवाओं की बहुआयामी प्रतिभाओं को मंच मिलेगा। नीति आयोग द्वारा आकांक्षी जिलों की डेल्टा रैंकिंग में बीजापुर जिला को देश में प्रथम स्थान मिला है, वहीं कोण्डागांव, नारायणपुर और सुकमा जिले अलग-अलग मापदण्डों में अग्रणी स्थान पर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों में भी ‘गोधन न्याय-सह गोबर खरीदी केन्द्रों’ का विकास किया जा रहा है। घुरवा के प्रसंस्करण से खाद निर्माण तथा आय के अन्य साधन विकसित हुए हैं, वहीं बारी से गांवों में न सिर्फ साग-सब्जी का उत्पादन बढ़ा है बल्कि ग्रामीण जनता को कुपोषण से लडऩे का हथियार भी मिला है।

छत्तीसगढ़ में पुलिस बल को बहुआयामी चुनौतियों से जूझना पड़ता है, अत: मेरी सरकार ने एक ओर जहां पुलिसकर्मियों को आम जनता के प्रति संवेदनशील बनाने पर ध्यान दिया, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा बलों की आवश्यकताओं को देखते हुए अनेक कल्याणकारी निर्णय लिए। रिस्पांस भत्ता, नाश्ता तथा भोजन की दरों में वृद्धि, स्पंदन अभियान, संवेदना कार्यक्रम, अनुकम्पा नियुक्ति, शहीद जवानों के आश्रितों के लिए एक्सग्रेसिया राशि 3 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपए, शहीदों के आश्रित परिवारों को अनुग्रह अनुदान आदि योजनाओं का व्यापक असर हुआ है। प्रदेश में नक्सल गतिविधियों सहित अन्य अपराधों में कमी आई है।

राज्यपाल ने कहा कि राज्य के संसाधनों का उपयोग सही दिशा में करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की एक मिसाल डीएमएफ के उपयोग केलिए नई गाइडलाइन जारी करना है। जिससे मुख्य और गौण खनिज की रायल्टी से प्राप्त अंशदान का उपयोग कुपोषण मुक्ति, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, रोजगार तथा हितग्राही मूलक कार्यों में सुनिश्चित हुआ है। इसी तरह प्रदेश के सभी संसाधनों के राज्य हित में उपयोग, अपनी संस्कृति तथा परंपराओं के प्रति गौरव के विस्तार से प्रदेश के विकास को नई गति तथा नए लक्ष्य मिले हैं।


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