ताजा खबर
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 20 फरवरी। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में अपील के लिये निर्धारित समय-सीमा की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली हाईकोर्ट में दायर याचिका पर केन्द्र सरकार की ओर से जवाब नहीं आया। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दो सप्ताह के भीतर जवाब देने कहा है।
ज्ञात हो कि सामाजिक कार्यकर्ता संत कुमार नेताम की ओर से हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। इसमें कहा गया है कि एनजीटी एक्ट 2010 की धारा 16 के अंतर्गत प्रावधान किया गया है कि किसी भी औद्योगिक परियोजना को पर्यावरण, वन या जल आदि की अनुमति दिये जाने के विरुद्ध, आदेश जारी होने के केवल 30 दिन के भीतर अपील दायर की जा सकती है। विशेष परिस्थितियों में एनजीटी अपील दायर करने में देरी को माफ कर इसे 60 दिन और बढ़ा सकती है और अपील सुनवाई कर सकती है। इसके बाद कोई अपील दायर नहीं की जा सकती। अधिकांश मामलों में पर्यारणीय क्षति के आकलन में देरी भी हो सकती है। ऐसे मामलों को हाईकोर्ट लाया जाता रहा है और कोर्ट ने प्राय: इन मामलों को सुनने के लिये एनजीटी को हस्तांतरित कर दिया।
एनजीटी एक्ट को कई अंतर्राष्ट्रीय समझौतों और सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों के पालन करने के लिये तैयार किया गया है। एनजीटी में न्यायाधीशों के अलावा तकनीकी विषय विशेषज्ञ भी होते हैं, ताकि पर्यावरण पर पडऩे वाले प्रतिकूल प्रभावों को समझ सकें, इसलिये यह प्रावधान अतार्किक और असंवैधानिक है, जिसे हटाया जाये।


