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चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने पिछले साल जून में गलवान घाटी में भारतीय सेना और चीन की सेना के बीच हुई झड़प की वीडियो फुटेज जारी की है.
इस झड़प में भारत के बीस सैनिक मारे गए थे. इससे पहले चीन ने गुरुवार को स्वीकार किया था कि उसके भी चार सैनिक इस झड़प में मारे गए थे.
चीन की तरफ से जारी किए गए वीडियो में इन चार सैनिकों को सलामी दिए जाने का दृश्य है. इस वीडियो में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प को भी दिखाया गया है. वीडियो में दोनों तरफ के सैन्य अधिकारी वार्ता करते भी दिख रहे हैं.
चीन की तरफ से जारी वीडियो में भारत की तरफ इशारा करते हुए कहा गया है, "अप्रैल के बाद से ही संबंधित विदेशी सेना पुराने समझौतों का उल्लंघन कर रही थी. उन्होंने पुल और सड़कें बनाने के लिए सीमा को पार किया और जल्दी-जल्दी टोही अभियान चलाए."
On-site video of last June’s #GalwanValley skirmish released.
— Shen Shiwei沈诗伟 (@shen_shiwei) February 19, 2021
It shows how did #India’s border troops gradually trespass into Chinese side. #ChinaIndiaFaceoff pic.twitter.com/3o1eHwrIB2
वीडियो में कहा गया है, "विदेशी सेना ने यथास्थिति में बदलाव के एकतरफ़ा प्रयास किए जिसके नतीजे में बॉर्डर पर तनाव तेज़ी से बढ़ा."चीन ने कहा, "समझौतों का सम्मान करते हुए हमने बातचीत से स्थिति को सुलझाने का प्रयास किया."चीन की तरफ़ से जारी किए गए वीडियो में भारत और चीन के सैनिकों को रात के अंधेरे में एक दूसरे से भिड़ते हुए दिखाया गया है.इसमें चीनी सैनिकों को एक घायल चीनी सैनिक को संभालते हुए भी दिखाया गया है. जारी किए गए वीडियो में चीन की सेना को मारे गए सैनिकों को सलामी देते हुए भी दिखाया गया है.
चीन ने पहली बार माना, गलवान में उसके सैनिक मरे
इससे पहले ग्लोबल टाइम्स ने चीनी सेना के आधिकारिक अख़बार पीएलए डेली के हवाले से ख़बर दी है कि चीन ने पहली बार 'अपनी संप्रभुता की रक्षा में क़ुर्बानी देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए' उनके नाम और उनके बारे में ब्यौरा दिया था.
पीएलए डेली ने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि चीन की सेन्ट्रल मिलिट्री कमीशन ने काराकोरम पहाड़ों में चीन के पाँच अफ़सरों और सैनिकों की पहचान की है और उन्हें पदवियों से सम्मानित किया है.
रिपोर्ट में पहली बार चीनी सेना ने गलवान संघर्ष का विस्तृत ब्यौरा दिया है और बताया है कि कैसे 'भारतीय सेना ने वहाँ बड़ी संख्या में सैनिक भेजे जो छिपे हुए थे और चीनी सेना को पीछे हटने पर मजबूर कर रहे थे'.
रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि कैसे 'चीनी सैनिकों ने स्टील के डंडों, नुकीले डंडों और पत्थरों से हमलों के बीच अपने देश की संप्रभुता की रक्षा की'. (bbc.com)


